आलोक शर्मा, मंदसौर। मंदसौर लोकसभा के मतदाताओं का मिजाज वैसे तो बार-बार बदलता नहीं है। लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा में भी भाजपा के मजबूत गढ़ में तब्दील हो चुके इस क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशी विपक्षियों से ज्यादा अपनों का विरोध झेल रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी तो पूरी तरह मोदी के जादू के सहारे बैठे हैं।

वहीं हार के बाद अधिकांश समय क्षेत्र से गायब रही पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भी मजबूत खेवैया की तलाश में अपनी पार्टी के लोगों को लगातार टटोलने में लगी हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांसद ने जीतने के बाद हमारी तरफ देखा ही नहीं है। तो कांग्रेस कार्यकर्ता दबी जबान में कह रहे हैं कि 2009 में हार के बाद नटराजन भी लगभग गायब ही हो गई थीं।

भाजपा प्रत्याशी सांसद सुधीर गुप्ता पिछले चुनाव की तरह इस बार भी वे मोदी मैजिक से ही सीट निकालने के चक्कर में हैं। पर पहली बार भाजपा में भी खासा आंतरिक द्वंद्व देखने को मिल रहा है। भाजपा द्वारा फिर से सांसद गुप्ता को ही टिकट देने के बाद से कुछ कार्यकर्ता व नेताअों ने अपना विरोध दर्ज करवाया हालांकि इन सबसे बेखबर सुधीर गुप्ता अपने प्रचार में जुटे रहे।

इधर मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के कोर ग्रुप में शामिल हैं। इसके चलते कोई भी नेता व कार्यकर्ता खुलकर विरोध नहीं कर पाया पर दबी जबान में सभी बातें कर ही रहे हैं। नटराजन ने अपनों के द्वारा किए जा रहे विरोध को समर्थन में बदलने के लिए प्रतिदिन गांव से लेकर शहर तक नापा है और कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ही आम लोगों से भी व्यक्तिगत संपर्क किया है।

वादे जो पूरे नहीं हुए

  • कालीसिंध चंबल को जोड़कर नहरों से सिंचाई रकबा बढ़ाना।
  • संसदीय क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर की रुकी प्रक्रिया को प्रारंभ कराने का प्रयास।
  • स्वास्थ्य केंद्रों व सरकारी अस्पतालों का आधुनिकीकरण।
  • मेडिकल/डेंटल, पैरामेडिकल कॉलेज तथा आयुष महाविद्यालय खोलना।
  • युवाओं को रोजगार के लिए आईटी व सर्विस सेक्टर में बड़े संस्थानों की स्थापना के प्रयास।

वादे जो पूरे हुए

  • शामगढ़ व नीमच में एक-एक सेंट्रल स्कूल की स्वीकृति।
  • किसानों को अफीम पट्टे दिलाए, पहले से ज्यादा किसान कर रहे हैं खेती।
  • जापानी कंपनी जायका के सहयोग से संसदीय क्षेत्र के दो हजार गांवों तक चंबल का पानी पहुंचाने की योजना।
  • संसदीय क्षेत्र से गुजरने वाली रेलगाड़ियों के टाइम टेबल की समीक्षा, स्टॉपेज बढ़ाए।
  • नीमच-कोटा व नीमच-उदयपुर ट्रेन को मंदसौर तक बढ़वाया।

एक नजर तीन जिलों की आठ विधानसभा सीटों पर

मंदसौर जिला- मंदसौर, गरोठ, मल्हारगढ़, सुवासरा

नीमच जिला- नीमच, मनासा, जावद

रतलाम जिला- जावरा

Posted By: Hemant Upadhyay