अमृतसर। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग समाप्त होते ही एग्जिट पोल जारी कर दिए गए हैं। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और अकाली दल के बीच में है। NDTV पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक कांग्रेस को यहां 13 सीटों में से 10 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं, वहीं अकाली दल को 3 सीटें ही मिलेंगी।

एग्जिट पोल्स के मुताबिक पंजाब में कांग्रेस की इस बार लोकसभा सीटें बढ़ती नजर आ रही हैं, वहीं अकाली दल भाजपा गठबंधन को नुकसान हो रहा है। सर्वे में अकाली दल-भाजपा को 6 सीटें और कांग्रेस को भी 6 सीटें मिल रही हैं। एक सीट अन्य के खाते में जा रही है।

आजतक के एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को 8 से 9 सीट और अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 3 से 5 सीट के बीच मिल रही है। आम आदमी पार्टी को 0 से 1 सीट के बीच में मिलने की संभावना है।

पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर भी सबकी नजर है। यहां एक बार फिर त्रिकोणीय मुकाबला रहा। भाजपा, कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मैदान में थे। पिछली बार की तरह इस बार भी यहां कांटे की टक्कर है। हालांकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा जीत हासिल करने के बाद सत्ता के समीरकरणों में जरुर बदलाव आ गया है। यहां फिलहाल कांग्रेस के अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री हैं। साल 2014 में 13 लोकसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 6 सीटें, कांग्रेस ने 3 सीटें और आम आदमी पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने इस बार पंजाब में जीत हासिल करने के लिए जमकर जोर लगाया है।

पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से सबसे ज्यादा चर्चित गुरदासपुर लोकसभा सीट बन चुकी है। यहां से भाजपा ने फिल्म अभिनेता सनी देओल को मैदान में उतारा है। इस सीट से विनोद खन्ना भी सांसद रह चुके हैं, उनके निधन के बाद भाजपा ने सनी देओल को यहां से टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल रहे बलराम जाखड़ के बेटे सुनील जाखड़ को मैदान में उतारा है। उपचुनाव के बाद इस सीट से सुनील जाखड़ ने जीत हासिल की थी।

फतेहगढ़ साहिब सीट भी हाईप्रोफाइल सीट बन चुकी हैं, यहां के नतीजे पर सबकी नजर है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व आइएएस अधिकारी डॉ. अमर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहीं से अकाली दल ने भी पूर्व आईएएस अधिकारी दरबारा सिंह गुरु को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में इस सीट पर अब दो पूर्व आइएएस अधिकारी आमने-सामने होंगे।

Posted By: Arvind Dubey