नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मतदान कार्यक्रम के समाप्त हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा समर्थित टेलीविजन चैनल नमो टीवी को ऑफ एयर करने का निर्णय लिया गया है और मतदान के बाद इस पर प्रसारण बंद कर दिया गया है। इस मामले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि इस चैनल पर प्रचार - प्रसार का कार्य 17 मार्च को ही बंद कर दिया गया था। अब इस चैनल की कोई आवश्यकता नहीं है।

इस चैनल के प्रसारण को लेकर भाजपा विरोधियों ने टिप्पणियां की हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। चैनल को लेकर यह बात सामने आई है कि 31 मार्च से ही इस बारे में विवाद हो रहे थे। विरोधियों द्वारा इस तरह के चैनल पर कार्यक्रम प्रसारित किये जाने से चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ईवीएम मेनिपुलेट करने, नमो टीवी पर प्रसारण करने और फिर पीएम मोदी द्वारा केदारनाथ में दर्शन और ध्यान करने को लेकर आलोचना की है। विपक्षी दलों ने पीएम मोदी को समर्पित चैनल को लेकर आपत्तियां ली हैं। यह भी कहा गया है कि सैटेलाइट टीवी चैनल सेवा प्रदाता कंपनियों जैसे टाटा स्काई, वीडियोकॅान, डिश टीवी आदि ने इस चैनल को समूचे देश में निशुल्क दिखाया।

दूसरी ओर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि यह केवल एक विज्ञापन आधारित चैनल था इसलिए इसे किसी भी स्वाकृति की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि चैनल को लेकर चुनाव आयोग ने एक मामले में 12 अप्रैल को फैसला सुनाया कि चैनल अपनी मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी राजनीतिक सामग्री को स्क्रीन नहीं कर सकता है।

चुनाव संबंधी विवरण का प्रसारण बिना किसी सूचना के इस चैनल पर करने को लेकर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस पर भाजपा को नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित बॅालीवुड फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी की रिलीज़ पर भी चुनाव आयोग ने रोक लगा दी थी। अब विरोधी नमो चैनल को लेकर भाजपा को घेरने में लगे हैं।

Posted By: Lav Gadkari