विवेक बाफना, रतलाम। रतलाम जिले की पांच विधानसभाओं से जुड़ी तीन संसदीय सीटों पर रविवार को लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुतियां देने के लिए सुबह 6 बजे से केंद्रों के बाहर मतदाताओं का आगमन शुरू हो गया। 7 बजे से प्रारंभ होने वाले मतदान को लेकर मतदाता को केंद्र के बाहर कतार में खड़े मतदाता अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर लोकतंत्र के महायज्ञ में मत रूपी आहुतियां देते रहे। सुबह मौसम अनुकूल रहने पर युवा-बुजुर्ग सहित सभी मतदाताओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह रहा।

सर्वाधिक खुशी पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में देखी गई। मतदान के बाद युवाओं ने सेल्फी लेकर लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुतियां देने की खुशियों का इजहार किया। कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी भी आई, जिन्हें तत्काल बदला गया। कुल मिलाकर सुबह 9 बजे तक रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट से जुड़ी जिले की रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर, सैलाना विधानसभा, मंदसौर-जावरा संसदीय सीट से जुड़ी जावरा विधानसभा, उज्जैन-आलोट संसदीय सीट से जुड़ी आलोट विधानसभा में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। कहीं कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी।

सैलाना, कनेरी सहित अन्य स्थानों पर मशीन में खराबी

जिले के कुछ केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट में खराबी के चलते मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। कनेरी के पोलिंग बूथ क्रमांक-110 की मशीन खराब होने पर तत्काल रतलाम भेजकर नई मशीन लगाई गई। सैलाना के जूनावास मतदान केंद्र क्रमांक-16 पर वीवीपैट मशीन खराब होने से काफी देर तक मतदाता अपनी बारी का इंतजा कर रहे।

शहर की तुलना में गांवों में अधिक उत्साह

शहरी मतदान केंद्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। मतदान केंद्र के बाहर महिला-पुरुषों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही। ग्राम पलसोड़ी के बूथ क्रमांक-86 पर 100 से अधिक मतदाता केंद्र के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते हुए बैठे रहे।

बस स्टैंड पर परेशान होकर भटकते रहे यात्री

शहर के बस स्टैंडों पर सवारी वाहन नहीं होने से मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गंतव्य तक जाने के लिए मुसाफिर इधर-उधर भटकते रहे। चुनाव के लिए अधिकांश बसें व अन्य सवारी वाहन अधिग्रहीत होने के कारण यात्रियों को परेशानी उठाना पड़ी। रूट पर चलने वाले इक्का-दुक्का वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई।

पहले झाबुआ और वर्तमान में रतलाम लोकसभा सीट पर कांग्रेस से पांच बार के सांसद कांतिलाल भूरिया की जीत का सिक्सर रोकने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। हालांकि यह ताकत बाहर कहीं नजर नहीं आ रही, लेकिन अंदर ही अंदर भूरिया को रोकने के लिए तगड़ी नाकेबंदी की जा रही है। यही कारण है कि क्षेत्र के आदिवासी मतदाता खामोश हैं। शहरी क्षेत्र में जरूर हल्की-फुल्की चुनावी चर्चाएं चलती रही हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो मतदाताओं की खामोशी बड़े बदलाव का संकेत दे रही है।

आदिवासी बहुल रतलाम लोकसभा सीट से कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया लगातार सातवीं बार चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा से झाबुआ से पहली बार 2018 में विधायक बने गुमानसिंह (जीएस) डामोर। भूरिया को जहां राजनीति का लंबा अनुभव है, वहीं डामोर नए-नवेले।

राजनीति में आने से पहले डामोर प्रदेश शासन में कई अहम पदों पर रहे हैं। लोकसभा से जुड़ी तीन जिलों की आठों विधानसभा आलीराजपुर, जोबट, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर, सैलाना में प्रचार-प्रसार का अधिक शोरगुल नहीं सुनाई दिया है, लेकिन दोनों दलों के प्रत्याशी, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, परिजन और समर्थक अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को रिझाने में जुटे रहे हैं।

संसदीय क्षेत्र में 94211 मतदाता बढ़े

रतलाम संसदीय क्षेत्र में 2015 में हुए उपचुनाव की तुलना में वर्तमान में मतदाताओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उपचुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 1742628 थी, जो अब बढ़कर 1836839 हो गई है। इस प्रकार संसदीय क्षेत्र से जुड़ी आठों विधानसभाओं में कुल 94 हजार 211 मतदाताओं की वृद्धि हुई है।

1998 से लगातार भूरिया मैदान में

वर्ष निर्वाचित निकटतम प्रतिद्वंद्वी

1998 कांतिलाल भूरिया (कांग्रेस) दिलीपसिंह भूरिया (भाजपा)

1999 कांतिलाल भूरिया (कांग्रेस) दिलीपसिंह भूरिया (भाजपा)

2004 कांतिलाल भूरिया (कांग्रेस) रेलम चौहान (भाजपा)

2009 कांतिलाल भूरिया (कांग्रेस) दिलीपसिंह भूरिया (भाजपा)

2014 दिलीपसिंह भूरिया (भाजपा) कांतिलाल भूरिया(कांग्रेस)

2015 कांतिलाल भूरिया (कांग्रेस) निर्मला भूरिया (भाजपा)

(कांतिलाल 2014 का चुनाव हार गए थे, बाद में हुए उपचुनाव में फिर जीत गए)

आधी आबादी तय करेगी पूरी जीत

इस बार चुनाव में रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र की नई मतदाता सूची पर गौर करें तो करीब आधी संख्या यानी आधी आबादी पर नारी शक्ति का कब्जा है। संसदीय क्षेत्र की सभी आठ विधानसभाओं में मतदाता पुनरीक्षण के बाद जारी ताजा सूची में कुल 18 लाख 36 हजार 839 मतदाता हैं। इनमें 9 लाख 13 हजार 967 यानी 49 फीसदी महिलाएं हैं। पुरुषों की संख्या 9 लाख 22 हजार 843 है, जबकि अन्य 29 हैं। महिलाएं इस क्षेत्र से दिल्ली पहुंचने के लिए भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करने में पुरुषों के बराबर भूमिका निभाएंगी।

आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं का दखल भी अब सियासी महकमों में तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में 2018 के विधानसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र की सभी सीटों पर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया था। कई केंद्रों पर तो पुरुषों की तुलना में महिलाओं के मतदान करने का प्रतिशत काफी अधिक रहा था।

झाबुआ जिले में सर्वाधिक मतदाता

पहले झाबुआ और वर्तमान में रतलाम लोकसभा सीट से रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर जिले की आठ विधानसभाएं जुड़ी हैं। इसमें सबसे ज्यादा 7 लाख 61 हजार 355 मतदाता झाबुआ जिले में है। इसके बाद रतलाम जिले में 5 लाख 80 हजार 259 और आलीराजपुर जिले में 4 लाख 95 हजार 225 मतदाता है।

छह में से केवल एक बार जीती महिला

लोकसभा सीट पर 1957 से 2015 तक एक उपचुनाव सहित कुल 16 चुनाव हुए हैं। इसमें 1962, 1967, 1980, 1991, 2004 के चुनाव और 2015 के उपचुनाव में महिला प्रत्याशी कांटे की टक्कर में रहीं। इनमें से केवल एक बार 1962 की तीसरी लोकसभा में कांग्रेस की जमुनादेवी को दिल्ली जाने का मौका मिला। इस चुनाव में उन्होंने जनसंघ के गट्टू को 22384 मतों से पराजित किया था।

कांग्रेस को 68024 और जनसंघ को 45640 मत मिले थे। सोशलिस्ट पार्टी के नाथूलाल 41560 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके अलावा 1967 में सोशलिस्ट पार्टी की सडीबाई, 1980 में जनता पार्टी की जमुनादेवी, 1991 व 2004 में भाजपा की रेलम चौहान और 2015 के उपचुनाव में निर्मला भूरिया महिला प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहकर दूसरे नंबर पर रही थीं। इस बार चुनाव में कुल नौ प्रत्याशी मैदान में है, लेकिन इनमें एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है।

सैलाना व पेटलावद में महिलाएं ज्यादा

आठ विधानसभाओं से जुड़ी रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट पर छह में पुरुष मतदाताओं की संख्या अधिक है, वहीं रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा और झाबुआ जिले की पेटलावद विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। सैलाना में 92762 पुरुष मतदाता हैं, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 93857 है। इस विधानसभा में पुुरुषों की तुलना में 1095 महिला मतदाता ज्यादा हैं। इसी प्रकार पेटलावद में 126574 पुरुष मतदाता है, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 126976 है। इस विधानसभा में पुरुषों की तुलना में 402 महिला मतदाता ज्यादा हैं।

संसदीय क्षेत्र के महिला-पुरुष मतदाता

विधानसभा पुरुष महिला

आलीराजपुर116804114991

जोबट131909131514

झाबुआ137553136047

थांदला117328116865

पेटलावद126574126976

रतलाम ग्रामीण9755394275

रतलाम शहर10236099442

सैलाना9276293857

योग922843913967

Posted By: Hemant Upadhyay