नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के लिए हुए मतदान की मतगणना आज होगी। इसके बाद परिणाम घोषित किया जाना है। इस बार के चुनाव 7 चरणों में हुए थे। पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को हुई थी और अंतिम चरण की वोटिंग 19 मई को हुई थी।

17 वीं लोकसभा के गठन के लिए जनता द्वारा ईवीएम में अपने मतों के माध्यम से जनमत का निर्माण करने में सहयोग किया गया। अब आकंड़ों की बाजीगरी से जनमत, बहुमत बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। इसमें कुछ घंटों का फासला है।

लोगों की अटकलों पर जल्द विराम लगेगा और सत्‍ता पक्ष बनाम विपक्ष के बीच करीब दो माह चली चुनावी जंग में किसे मिलेगा ताज और कौन होगा सरताज, यह भी साफ होगा।

सात चरणों में लोकसभा की 542 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इन सीटों के लिए कुल 8,049 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसी बीच जानकारी सामने आई है कि परिणाम अनुकूल नहीं आने पर विपक्षी नेताओं के हिंसा के भड़काऊ भाषणों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है।

मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को भेजे पत्र में गुरुवार को हिंसा की आशंकाओं को देखते हुए सतर्क रहने को कहा है। डीजीपी और मुख्य सचिवों से मतगणना केंद्रों के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रखने को कहा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।

8000 से अधिक प्रत्याशी मैदान में

542 सीटों पर 8000 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। 7 चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत ने मताधिकार का प्रयोग किया। संसदीय चुनाव में यह सबसे अधिक मतदान है।

सात चरणों में हुआ मतदान

11 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले गए तो 19 मई को आखिरी चरण का मतदान हुआ। पहले चरण में 91, दूसरे में 97, तीसरे में 117, चौथे में 71, पांचवें में 51 और छठे-सातवें में 59-59 सीटों पर वोट डाले गए। 543 सीटों में से कुल 542 सीटों पर ही मतदान हो पाया था, तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर सुरक्षा कारणों की वजह से मतदान टाला गया था।

वेल्लूर सीट पर चुनाव निरस्त

तमिलनाडु की वेल्लूर सीट पर धनबल के इस्तेमाल के कारण चुनाव निरस्त कर दिया गया है। गुरुवार सुबह 8 बजे से देशभर के जिला मुख्यालयों पर मतों की गिनती शुरू होगी। चुनाव आयोग के अनुसार नतीजे देर शाम तक ही आएंगे। इस बार डाक मतपत्रों की गिनती भी ईवीएम के साथ ही होगी, क्योंकि उनकी संख्या काफी ज्यादा है।

नतीजे आने में चार से पांच घंटे की होगी देरी

पहली बार प्रत्येक संसदीय क्षेत्र के हर एक विधानसभा क्षेत्र के पांच-पांच पोलिंग बूथों की ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती वीवीपैट मशीन की पर्चियों से होगी। ईवीएम व पर्चियों के मिलान की समूची प्रक्रिया के कारण नतीजे आने में चार से पांच घंटे की देरी होगी। देश में कुल 10.3 लाख मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) बनाए गए थे, इसलिए 20,600 बूथों की पर्चियों से मिलान होगा।

18 लाख में से 16.49 लाख के डाक मतपत्र मिले

सीआरपीएफ, राज्य पुलिस के वे जवान विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी पर तैनात हैं। विदेश में भारतीय दूतावासों को भी सर्विस स्टॉफ माना जाता है। ऐसे में कुल 18 लाख सर्विस वोटर रजिस्टर्ड हैं। जिसमें से 16.49 लाख ने 17 मई तक डाक मतपत्र भेज दिए थे। इनकी हाथों से गिनती में भी काफी वक्त लगेगा। गौरतलब है कि देश में 18 लाख सर्विस वोटर हैं।

Posted By: Lav Gadkari