नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। कुल मिलाकर अगले महीने दिवाली से पहले दोनों राज्यों में नई सरकारें मिले जाएंगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने इसका ऐलान करते बताया, लोकसभा चुनाव की तर्ज पर इस बार भी ईवीएम और वीवीपैट पर्ची का मिलान होगा। पांच बूथों के वीवीपैट का मिलान किया जाएगा। चुनावों को शांतिपूर्ण और पूरी सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती भी की जाएगी। धनतेरस से पहले विधानसभा चुनाव खत्म हो जाएंगे।

मालूम हो कि महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 और हरियाणा में 90 सीटें हैं। पिछले चुनाव में महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन की सरकार बनी थी। वहीं, हरियाणा में भाजपा ने बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।

पर्यवेक्षक रखेंगे चुनावी खर्च पर नजर

सुनील अरोड़ा के अनुसार, महाराष्ट्र के लिए चुनाव आयोग ने दो विशेष पर्यवेक्षकों को भेजने का फैसला किया है जो सिर्फ चुनावी खर्च पर नजर रखेंगे। पहले भी महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक में ऐसे पर्यवेक्षकों को चुनाव के दौरान भेजा जा चुका है। बता दें कि चुनाव आयोग ने इस विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के खर्च की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपये ही रखी है।

पर्यावरण अनुकूल प्रचार सामग्री का करें इस्तेमाल

अरोड़ा ने कहा कि नक्सल प्रभावित महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और गोंदिया में चुनाव के लिए विशेष सुरक्षा प्रदान की जाएगी। आयोग ने राजनीतिक दलों से यह भी अपील की है कि वे पर्यावरण अनुकूल सामग्री का ही प्रचार में इस्तेमाल करें और प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें।

कॉलम खाली छोड़ा तो रद होगा नामांकन

आयोग ने स्पष्ट कहा है कि पूरे चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं उम्मीदवारों को अपने हथियार जमा करना होंगे, साथ ही उम्मीदवारों को आपराधिक मामले की जानकारी भी देनी होगी। कोई भी कॉलम खाली रहा तो उम्मीदवार का नामांकन रद कर दिया जाएगा।