नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच भाजपा और शिवसेना दोनों ही दल झुकने को तैयार नहीं हो रहे हैं। दोनों ही दल सरकार बनाने के हर रास्ते को तलाशने की कोशिश में जुटे हैं। यहां तक कि शिवसेना ने तो कांग्रेस और एनसीपी से समर्थन लेने तक के संकेत दे दिए हैं। हालांकि कांग्रेस और एनसीपी ने फिलहाल विपक्ष में ही बैठने का निर्णय लिया है लेकिन अभी भी सूबे की राजनीति थमी नहीं है। कांग्रेस के सांसद हुसैन दलवई के एक पत्र ने फिर राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। दिलवई ने सोनिया गांधी को पत्र लिखते हुए मांग की है कि अगर शिवसेना सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगती है तो कांग्रेस को शिवसेना को समर्थन देना चाहिए। पत्र में दलवई ने यह भी लिखा है कि बीजेपी और शिवसेना में फर्क है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के इस पत्र के बाद कांग्रेस भी सरकार बनाने के इस खेल में मैदान में उतर सकती है। वहीं दूसरी ओर दलवई के इस पत्र का शिवसेना ने स्वागत किया है।

कांग्रेस,एनसीपी समर्थन देने से कर चुके हैं मना

भाजपा और शिवसेना के बीच जारी कुर्सी की लड़ाई के बीच शुक्रवार को कांग्रेस और एनसीपी दोनों ही दलों की ओर से आला नेताओं द्वारा बयान जारी किया गया था जिसमें दोनों दलों ने सरकार ना बनाने की बात कहते हुए विपक्ष में बैठने की बात कही थी। हालांकि पिछले कुछ वक्त में तेजी से बदले राजनीतिक हालातों को देखते हुए एक बार फिर सरकार बनाने को लेकर शिवसेना कोई नया राजनीतिक दांव खेल सकती है। वहीं भाजपा ने भी अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

Posted By: Neeraj Vyas