धर्मेंद्र जोरे (मिड डे), मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर गुरुवार को भाजपा और शिवसेना के बीच अहम बैठक हुई। यह पहले दौर की बैठक थी जो बेनतीजा रही। दोनों पार्टियां गठबंधन के सहयोगी छोटे दलों की सीटों को लेकर एकराय नहीं हो पाईं। साल 2014 के विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियां अलग-अलग मैदान में थीं। भाजपा को 122 व शिवेसना को 63 सीटें मिली थीं। हालांकि, तब कांग्रेस और राकांपा भी अलग-अलग थीं। पढ़िए इससे जुड़ी बड़ी बातें -

- भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव पूर्व गठबंधन की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन यह सब सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर निर्भर करेगा।

- बुधवार रात हुई बैठक में भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल व शिवसेना की ओर से वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई सीट बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। अगली बैठक में वरिष्ठ मंत्री सुधीर मुनगंटीवार भी हिस्सा ले सकते हैं।

- शिवसेना चाहती है कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों का बराबर बंटवारा हो और भाजपा छोटे सहयोगी दलों को सीटें अपने हिस्से से दे। भाजपा आधी-आधी सीटों के फॉर्मूले पर मुहर नहीं लगाती, लेकिन उसका कहना है कि सीट बंटवारे का समीकरण तय हो चुका है।

- सूत्र बताते हैं कि भाजपा 171 सीटों से बातचीत शुरू करना चाहती है, जबकि शिवसेना कुल सीटों की आधी चाहती है। इसके लिए वह लोकसभा चुनाव से पूर्व शाह, ठाकरे और देवेंद्र फड़नवीस के बीच की बातचीत का हवाला देती है।

- वहीं भाजपा की लोकप्रियता को देखते हुए उसके टिकट के दावेदार भी नहीं चाहते हैं कि गठबंधन हो। उनका मानना है कि गठबंधन की स्थिति में कम ही लोगों को ही चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। हालांकि, वह पार्टी की तरफ से सभी सीटों के लिए की जा रही तैयारियों को लेकर आशान्वित जरूर हैं।