मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने बड़ा ऐलान किया है। पवार ने कहा है कि प्रदेश की 288 सीटों में से कांग्रेस और राकांपा बराबर-बराबर यानी 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। 38 सीटें छोटे सहयोगी दलों को दी जाएंगी।

पवार ने यह भी कहा कि किस सीट पर किस दल का प्रत्याशी उतारा जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। जल्द ही दोनों दलों के नेताओं की बैठक में इस पर मंथन शुरू होगा।

पवार की इस बड़े ऐलान के साथ ही यह साफ हो गया है कि इस साल के आखिरी में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एक तरफ भाजपा-शिवसेना का गठबंधन होगा तो दूसरी तरफ कांग्रेस-राकांपा होंगे। भाजपा-शिवसेना में भी सीटों के बंटवारे पर बातचीत चल रही है, लेकिन यह तय है कि दोनों इस बार भी साथ चुनाव लड़ेंगे।

बता दें, महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। 2014 के चुनाव में भाजपा ने 15 साल से चला आ रहा कांग्रेसराज खत्म किया था। तब 123 सीटें हासिल कर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। यह पहला मौका था जब भाजपा ने प्रदेश में इतनी ज्यादा सीटें हासिल की थीं। महज 42 सीटों के साथ कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई, जबकि एक वक्त भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना ने 63 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही थी। देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री चुना गया था, जो अब अपने काम के दम पर वोट मांग रहे हैं।

भाजपा का मानना है कि लोकसभा चुनाव के परिणामों और जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद माहौल उसके पक्ष में है और इस बार भी प्रदेश में शिवसेना के साथ उसकी सरकार बनेगी।

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