मुंबई। चुनाव आयोग ने इस साल के आखिरी में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से उन विधानसभाओं में खास ध्यान दिया जा रहा है, जो नक्सल प्रभावित है। इसको लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने बुधवार को मुंबई में कहा कि मतदान की तारीखों को तय करते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि केंद्रीय बलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने में कितना समय लगेगा। पढ़िए सीईसी के बयान की बड़ी बातें -

  • सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव की तारीखों का एलान जल्द ही किया जाएगा। मतदाता पर्ची का वितरण जल्द शुरू किया जाना चाहिए। हालांकि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में अत्यधिक सतर्कता बरतने का आश्वासन दिया है।
  • वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों को ग्राउंड फ्लोर पर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।
  • महाराष्ट्र की अपनी यात्रा के दौरान चुनाव आयुक्तों ने बुधवार को राजनीतिक दलों, मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाबत बात की। चुनाव आयोग ने कर्मचारियों से आइटी एप्लीकेशन सी-विजिल का उपयोग करने को कहा है।

इस बीच, सीईसी सुनील अरोड़ा से शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 60 लाख रुपए करने का आग्रह किया है। दूसरी ओर राकांपा राकांपा नेता नवाब मलिक ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि ईवीएम पर चुनाव आयोग कोई भी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बुलाया था और उनसे विधानसभा चुनाव के लिए सुझाव मांगे थे।

इस पीच, कांग्रेस से गठबंधन के बाद NCP ने अपने पांच प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें बीड से धनंजय मुंडे का नाम भी शामिल है।