मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राम मंदिर भी मुद्दा बनाता जा रहा है। पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर के लिए शिवसैनिक तैयार रहें और पहली ईंट उनकी पार्टी ही लगाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासिक की रैली में कहा कि मैं राम मंदिर मुद्दे पर बयान बहादुरों और बड़बोलों से हैरान हूं। अब शिवसेना प्रमुख ने इसका जवाब दिया है।

उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख हिंदुओं की भावनाओं को प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर उद्धव बोले, , 'वह (पीएम मोदी) किनका जिक्र कर रहे हैं? मैं बयानबाजी नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ हिंदुओं की भावनाओं को प्रदर्शित कर रहा हूं।'

उद्धव ने जोर दिया कि उनकी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास है, लेकिन यह मामला सालों से अदालत में लंबित है। बकौल उद्धव, 'मैं पिछले साल अयोध्या गया था और अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले वहां फिर जाने की इच्छा है। हालांकि, मैं अयोध्या जाने को लेकर कोई घोषणा नहीं कर रहा हूं, क्योंकि अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। अयोध्या की अपनी यात्रा के दौरान मैंने मांग की थी कि अगर अदालत के आदेश में देरी होती है तो सरकार को साहस दिखाते हुए हस्तक्षेप करना चाहिए।'

क्या कहा था पीएम मोदी ने

पीएम मोदी ने गुरुवार को नासिक में रैली में कहा था, 'मैं राम मंदिर मुद्दे पर बयान बहादुरों और बड़बोलों से हैरान हूं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। मैं हाथ जोड़कर इन लोगों से कहना चाहता हूं कि न्यायिक प्रणाली में विश्वास रखें।'

पीएम मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन मीडिया के एक हिस्से ने दावा किया कि यह बयान सहयोगी शिवसेना के लिए था जो अकसर मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग करती है।