मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब तक कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) को ही झटके लगने की खबर सामने आती रही हैं। लेकिन अब शिवसेना को भी पार्टी की अंदरूनी कलह का सामना करना पड़ रहा है। सीट बंटवारे से नाराज शिवसेना के 26 पार्षदों ने 300 कार्यकर्ताओं के साथ अपना इस्तीफा शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को भेज दिया है। इसके बाद महाराष्ट्र की सियासत में भी गर्माहट बढ़ गई है। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक इस्तीफा भेजने वाले पार्षद शुरुआत से ही टिकट वितरण में सामने आ रही विसंगति को लेकर नाखुश थे। लेकिन भाजपा के साथ शिवसेना के गठबंधन के बाद हुए सीट बंटवारे ने इन लोगों की नाराजगी बढ़ा दी।

शिवसेना के पार्षदों के इस्तीफा भेजने के बाद ना सिर्फ शिवसेना बल्कि भाजपा की भी मुश्किलें बढ़ना तय हैं। क्योंकि गठबंधन के बाद कुछ सीटें ऐसी हैं जहां शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार भाजपा ने वहां से अपने प्रत्याशी को उतारा है। ऐसे में स्थानीय नेताओं के विरोध का सामना करना दोनों ही दलों के लिए कठिन रहेगा।

भाजपा-शिवसेना गठबंधन में लड़ रही चुनाव

साल 2014 में भाजपा और शिवसेना के बीच भले ही सीट बंटवारे पर सहमति ना बन सकी हो, लेकिन इस बार दोनों ही दलों के आला नेताओं ने सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति बना ही ली। प्रदेश की 288 सीटों में से भाजपा जहां 150 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं शिवसेना ने 124 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि इस दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बयान भी सामने आया कि महाराष्ट्र की जनता के हित में उन्होंने कम सीटें मिलने पर भी भाजपा से यह समझौता किया है।

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर शिवसेना की नजर

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव अभी हुए भी नहीं हैं। लेकिन शिवसेना ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अगर सत्ता में भाजपा शिवसेना का गठबंधन आता है तो यह तय है कि दोनों ही दलों के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जमकर घमासान मचेगी।