मुंबई। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने को लेकर एक बार फिर कवायद तेज हो गई है। शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए तीनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम (Common Minimum Program) को लेकर ड्राफ्ट भी तैयार किया जा चुका है। गुरुवार देर रात तीनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच इसे लेकर बैठक की गई, जिसमें इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। बैठक के बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने इसकी संयुक्त बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ' बैठक के दौरान न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा हुई। इसके बाद एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। यह ड्राफ्ट तीनों पार्टियों के हाईकमान को भेजा जाएगा। इसे लेकर अंतिम निर्णय हाईकमान द्वारा ही तय किया जाएगा।' जानें सूबे की सियासत से जुड़ी पल-पल की लाइव अपडेट्स

- एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य में सरकार पूरे 5 साल चलेगी।

- एनपीसी नेता नवाब मलिक का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही रहेगा।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत साथ आने की संभावनाओं को टटोल रहे है। लेकिन हकीकत यह है कि विचारधारा के मामले में शिवसेना और कांग्रेस धुरविरोधी हैं। एक तरफ जहां शिवसेना कट्टर हिंदूवादी राजनीति करती है, वहीं कांग्रेस खुद को सेक्यूलर बताते हुए अल्पसंख्यकों को बढ़ावा देती रही है। ऐसे में इन दोनों दलों के सरकार में शामिल होने पर आगे की राजनीति का स्वरुप कैसा होगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

महाराष्ट्र में अब भाजपा और शिवसेना के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं। यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने वाला भाजपा-शिवसेना का गठबंधन खत्म हो जाएगा। सीएम की कुर्सी को लेकर दोनों दलों के बीच 30 साल का गठबंधन खत्म होना बहुत चौंकाने वाला रहा है।

Posted By: Neeraj Vyas