मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार का सस्पेंस गहरा गया है। सोमवार को दिन में कहा जा रहा था कि राकांपा और कांग्रेस के समर्थन पर शिवसेना की सरकार बनने जा रही है, लेकिन कांग्रेस खेमे से खबर आई कि उसने अभी शिवसेना को समर्थन देने पर कोई फैसला नहीं किया है। इसके लेकर सोनिया गांधी की मौजूदगी में दिल्ली में पार्टी वर्किंग कमेटी की बैठक हुई, जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से कहा है कि 'हमने अपनी तरफ से बयान जारी कर दिया है। हमने महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर चर्चा की है। आगे भी यह चर्चा जारी रहेगी।' खड़गे ने स्‍पष्‍ट कहा है कि हमने अभी समर्थन नहीं दिया है। पूर्व सीएम पृथ्‍वीराज चव्‍हाण ने कहा है, 'यदि शिवसेना ने 48 घंटे का समय मांगा है तो हम उसके लिए इंतजार करेंगे। एनसीपी ने भी अभी पत्र नहीं दिया है।'

कांग्रेस ने अपने सभी 44 विधायकों को जयपुर में ठहराया है। कांग्रेस विधायक सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व तैयार नहीं है। इस बीच, शिवसेना नेता आदित्‍य ठाकरे ने राज्‍यपाल भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात की जो आधे घंटे से अधिक समय तक चली। उनके अलावा शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे भी थे। मीडिया से चर्चा में आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि कल शाम को राज्‍यपाल ने एकनाथ शिंदे को कहा था कि सरकार बनाने की इच्‍छाशक्ति दिखाओ। दो दिन का समय मांगा था, लेकिन उन्‍होंने मना कर दिया।

आदित्य ने कहा, हम तो सरकार बनाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए समय कम पड़ रहा है। शिवसेना का दावा कायम रहेगा, शिवसेना ने अपनी बात कह दी है। हम अभी भी महाराष्‍ट्र में एक ईमानदार सरकार बनाने की इच्‍छा रखते हैं। हमने राज्‍यपाल से समय मांगा था लेकिन उन्‍होंने समय देने से इंकार कर दिया। मैं इससे अधिक अभी कुछ बता नहीं सकता।

राज्‍यपाल से मुलाकात के बाद आदित्‍य ठाकरे ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि हम सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। हमने राज्‍यपाल से कम से कम 2 दिन का समय मांगा, लेकिन हमें समय नहीं दिया गया। हालांकि सरकार बनाने का हमारा दावा अभी अस्‍वीकार नहीं हुआ है। हम राज्य में सरकार बनाने के प्रयासों में लगे रहेंगे।

इससे पहले खबर थी कि एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से शिवेसना का मुख्यमंत्री बनेगा। एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन की चिट्ठी भेज दी है। खबर यह भी थी कि कांग्रेस ने सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। यानी शिवसेना और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएंगे, जबकि कांग्रेस बाहर से समर्थन देगी।

बता दें, महाराष्ट में विधानसभा की कुल 288 सीटे हैं, जिनमें से भाजपा ने 105 पर जीत दर्ज की है, जबकि शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। बहुमत का आंकड़ा 145 है। पढ़िए दिनभर की हचलल -

- दिल्ली में कांग्रेस की मैराथन बैठक जारी है। पार्टी थोड़ी देर में अपना आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कहा है कि उनके दो विधायक शिवसेना+एनसीपी+कांग्रेस की सरकार को समर्थन नहीं देगी।

- 17 नवंबर को बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि है और शिवसेना चाहती है कि इसी दिन शपथ ग्रहण हो। हालांकि सवाल यह है कि क्या राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इसकी अनुमति देते हैं।

- खबर है कि मंगलवार को शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के विधायकों की बैठक होगी और विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद अगले दो-तीन दिनों में न्यूनतम साझा प्रोग्राम का ऐलान हो सकता है। मंत्री पद के बंटवारे पर भी बात हुई है।

- शिवसेना का सीएम शिवाजी पार्क में शपथ ले सकता है। हालांकि पार्टी ने अभी तारीख तय नहीं की है। कहा जा रहा है कि शिवसेना के अधिकांश विधायक उद्धव ठाकरे को सीएम बनाए जाने के पक्ष में हैं।

- अभी तय नहीं है कि उद्धव ठाकरे सीएम बनेंगे या उनके बेटे आदित्य ठाकरे। आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि इनके पास कांग्रेस के समर्थन की चिट्ठी है। थोड़ी देर में राकांपा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है।

- थोड़ी देर पहले कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फोन पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की। कांग्रेस यह विचार कर रही है कि वह शिवसेना-एनसीपी की सरकार को बाहर से समर्थन दें या सरकार का हिस्सा बने। टीवी चैनलों के मुताबिक, उद्धव चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार का हिस्सा बने। कांग्रेस के सभी 44 विधायक अभी जयपुर में हैं।

- कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर महाराष्ट्र के नेताओं की बैठक जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया गांधी नेताओं से फोन पर भी बात कर रही हैं।

- कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर महाराष्ट्र के नेताओं की बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक के बाद ही तय होगा कि कांग्रेस शिवसेना को सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी की नहीं। और अगर समर्थन करेगी तो उसकी क्याा रुपरेखा रहेगी।

- शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत की अचानक तबियत बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी तबियत क्यों खराब हुई है, इसकी वजह सामने नहीं आई है।

- सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनडीए सरकार से शिवसेना के मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया है। इसी बीच एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच बैठक खत्म हो चुकी है।

- एनसीपी नेता नवाब मलिक ने प्रेस कांफ्रेस लेकर बताया कि हमनें 2 घंटे तक बैठक की। कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि शाम 4 बजे वह दोबारा महाराष्ट्र के नेताओं से बात कर निर्णय लेंगे। तब तक हमने भी अपना निर्णय नहीं लिया है।

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस ने महाराष्ट्र में शिवसेना को समर्थन देने का मन बना लिया है। वहीं एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जब तक शिवसेना को लेकर कोई फैसला नहीं लेगी, एनसीपी इसे लेकर कोई निर्णय नहीं लेगी।

- दिल्ली में कांग्रेस CWC की बैठक खत्म हो चुकी है। हालांकि अब तक स्थिति साफ नहीं हुई है। कांग्रेस अब शाम 4 बजे एक बार फिर मीटिंग करेगी।

- महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के विधायक आज दोपहर मुंबई वापस लौटेंगे।

- शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने उनके निवास मातोश्री पर पहुंचे हैं। इस बीच उन्होंने कहा कि भाजपा हमें नीतीश कुमार ना समझे। वहीं नीतीश कुमार ने कहा कि यह हमारा मामला नहीं है।

- कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू हो चुकी है। इसमें अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। वहीं दूसरी ओर एनसीपी की बैठक भी शरद पवार की अध्यक्षता में जारी है।

- एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार को लेकर कुछ बोलना जल्दबाजी है। शरद पवार सबसे चर्चा करेंगे। हालांकि शरद पवार पहले भी कई बार बोल चुके हैं कि हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश हुआ है।

- एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि एनसीपी के साथ ही कांग्रेस का निर्णय भी अपेक्षित है। दोनों के निर्णय के बाद ही हम आगे बढ़ेंगे। हमें जानकारी मिली है कि कांग्रेस ने CWC की बैठक बुलाई है।

- एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि कि जो भी निर्णय होगा वह कांग्रेस और हम मिलकर तय करेंगे।

- राउत बोले कि भाजपा शिवसेना के रिश्ते अब औपचारिकता रह गई है। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल से हमारे मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। महाराष्ट्र में जो वातावरण निर्माण हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

- भाजपा अगर अपनी बात पर चलती तो महाराष्ट्र में आज यह स्थिति नहीं बनती। भाजपा के इस अहंकार को जनता का अपमान मानता हूं।

- शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत प्रेस कांफ्रेंस ले रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अहंकार दिखाया है। वह विपक्ष में बैठने को तैयार हैं लेकिन 50-50 फॉर्मूले पर चलने को तैयार नहीं हैं।

- कांग्रेस ने महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए आज वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई है। यह बैठक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर होगी।

- देवेंद्र फडणवीस के निवास पर भाजपा कोर कमेटी की आज बैठक होने जा रही है।

- शिवसेना सांसद और केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने सरकार में मौजूद अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

- शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने ट्वीट किया कि 'रास्ते की परवाह करुंगा तो मंजिल बुरा मानेगी', शिवसेना का पक्ष सच्चाई है।

- आज सुबह 10 बजे एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक होगी। इसमें गठबंधन की शर्तोंको लेकर चर्चा होगी।

- कांग्रेस ने भी शिवसेना को लेकर अभी तक समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। सुबह 10 बजे इसे लेकर तस्वीर साफ होगी कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या बाहर से समर्थन करेगी।

- कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सुबह 10 बजे बैठक होने वाली है। हम हाई कमान के निर्देशों के मुताबिक अगला कदम उठाएंगे। लेकिन हमारा वास्तविक निर्णय और जनादेश विपक्ष में बैठने का है। यह वर्तमान स्थिति है।

महाराष्ट्र में सबसे बड़े दल भाजपा के बाद शिवसेना को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला है। शिवसेना को अगर एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन का साथ मिल जाता है तो तीनों दल मिलकर राज्य में आसानी से सरकार बना लेंगे। भाजपा को इस बार जहां 105 सीटें मिली हैं। वहीं शिवसेना को 56 सीटें हासिल हुई हैं। एनसीपी को 54 सीटेंं और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। ऐसे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों दलों की सीटें मिलाकर 154 हो जाती हैं। जो बहुमत के आंकड़े 145 से 9 सीटें ज्यादा हैं।

Posted By: Neeraj Vyas