नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के सियासी समीकरण की तस्वीर उभरने लगी है। मुख्य तौर पर कांग्रेस की ओर से फंसा पेच अब सुलझता दिखता है। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की शीर्षस्थ नीति निर्धारक निकाय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की गुरुवार को हुई बैठक में राकांपा और शिवसेना के साथ सरकार बनाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी गई।

अंतिम फैसले की घोषणा शुक्रवार को हो सकती है। बताते हैं कि कांग्रेस- राकांपा ने शिवसेना से गठबंधन की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। इन्हीं घटनाक्रमों के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि सरकार गठन का फैसला एक-दो दिन में हो जाएगा और दिसंबर के पहले सरकार बन जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, तीनों दल गठबंधन कर सरकार बनाने के अपने फैसले से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अवगत कराने के लिए अलग-अलग पत्र भेजेंगे।

उद्धव हो सकते हैं मुख्यमंत्री

हालांकि शिवसेना अभी भी इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि उसकी पार्टी से मुख्यमंत्री कौन होगा लेकिन राउत ने कहा- 'आप बहुत जल्दी ही जान जाएंगे। लेकिन सभी शिवसैनिक और राज्य के लोग चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें।" राकांपा की ओर से बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिवसेना के कट्टर हिंदुत्व पर कांग्रेस की चिंताओं से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि देश और और इसका संविधान धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने सभी जाति-धर्मों के लोगों का खयाल रखा था, इसलिए महाराष्ट्र को कोई नया विचार आयात करने की जरूरत नहीं है।

शिवसेना के साथ आज हो सकती है बैठक

सूत्रों ने बताया है कि शिवसेना के साथ राकांपा और कांग्रेस की फाइनल बैठक शुक्रवार को मुंबई में हो सकती है। सरकार गठन के बारे में शुक्रवार को ही मुंबई में घोषणा हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को कांग्रेस और राकांपा नेताओं की मैराथन बैठक के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तथा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राज्य में जल्द ही 'स्थिर" बनने का विश्वास जताया था।

ये हो सकता है सरकार गठन का फॉर्मूला

राकांपा सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद बारी-बारी से शिवसेना और राकांपा को मिलेगा। पहली बारी शिवसेना की होगी। वहीं, कांग्रेस को पूरे पांच साल के लिए उपमुख्यमंत्री का पद मिलेगा।

शिवसेना विधायकों को तोड़ने वालों के सिर फोड़ देंगे : सत्तार

महाराष्ट्र में सरकार गठन की चल रही कवायदों के बीच शिवसेना विधायक अब्दुल्ल सत्तार ने गुरुवार को कहा कि जो कोई उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसका सिर फोड़ दिया जाएगा। औरंगाबाद जिले के सिल्लोड़ से विधायक सत्तार ने कहा कि विधायकों को तोड़ना या उनकी खरीद-फरोख्त लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैध नहीं है। यह विधायकों की खरीदी का कोई फुटकर दुकान नहीं है। उन्होंने कहा- 'भाजपा किसी भी विधायक को तोड़ नहीं पाएगी। लेकिन जो भी विधायकों को तोड़ने (दल-बदल कराने) की कोशिश करेंगे, उनके सिर फोड़ दिए जाएंगे और हम उनके इलाज का अस्पताल में इंतजाम भी करेंगे।"

Posted By: Yogendra Sharma