मुंबई/रोहतक। महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान शनिवार को कर दिया गया। 21 अक्टूबर को वोटिंग और फिर 24 अक्टूबर को काउंटिंग के साथ दोनों राज्यों में नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी। दोनों राज्यों में चुनावी तैयारी के लिहाज से भाजपा आगे दिखाई दे रही है। अब खबर है कि दोनों राज्यों में जीत को लेकर आश्वस्त भाजपा 29 या 30 सितंबर को उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।

बता दें, एक हफ्ते के लिए प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं और वे 29 सिंतबर को वापस लौटेंगे। इसके बाद संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवारों की सूची पर अंतिम ठप्पा लगेगा। पिछली बार भाजपा दोनों राज्यों में सिर्फ नरेंद्र मोदी के चेहरे के साथ मैदान में थी, लेकिन इस बार मोदी के साथ-साथ महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़नवीस और हरियाणा में मनोहर लाल के चेहरे भी मुख्यमंत्री के रूप में जनता के सामने हैं।

भाजपा को इसलिए है जीत का भरोसा

  • भाजपा नेताओं का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत और जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद बना माहौल पार्टी के पक्ष में है। इसके अलावा दोनों राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार अपने काम के आधार पर वोट मांग रही है।
  • मालूम हो, 4 महीने पहले ही लोकसभा चुनाव में हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा के सामने विपक्षी दलों को भारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भाजपा जहां हरियाणा की सभी 7 सीटें जीतने में सफल रही थी, वहीं महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 48 में से 43 सीटों पर कामयाबी मिली थी। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे भी इसी के अनुरूप होंगे।
  • महाराष्ट्र में पिछली बार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा ने शिवसेना के साथ 25 साल पुराना गठबंधन तोड़कर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
  • परिणामों में भाजपा को भले ही अपने दम पर बहुमत नहीं मिला हो, लेकिन वह 122 सीटें जीतने में सफल रही थी, वहीं शिवसेना 63 सीटों पर सिमट आई थी। बाद में शिवसेना भाजपा के साथ गठबंधन की सरकार में शामिल हो गई थी।
  • लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा-शिवसेना का गठबंधन तैयार हो गया था। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में भी भाजपा-शिवसेना का गठबंधन तय है और सीटों के बंटवारे के लिए नए फार्मूले को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
  • हरियाणा में भाजपा अकेले अपने दम पर तीन-चौथाई सीटें जीतने का दावा कर रही है। इसके लिए भाजपा लोकसभा चुनाव के दौरान सभी विधानसभा सीटों पर मिले वोटों का हवाला दे रही है। भाजपा को कुल 90 विधानसभा सीटों में से 79 सीटों पर बढ़त मिली थी।