Uddhav Thackeray : महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे और उनके द्वारा शिवसेना पर लगाए आरोपों के बाद उद्धव ठाकरे ने मीडियो को संबोधित किया। उद्धव ने कहा, भाजपा का मन काला हो गया है। अब हम और भाजपा के झांसे में नहीं आएंगे। भाजपा और आरएसएस को समझना चाहिए कि झूठ से कुछ हासिल नहीं होगा। चुनाव से पहले मीठी-मीठी बातें की गईं। गंगा साफ करते-करते ये खुद गंदे हो गए हैं। भाजपा झूठ बोल रही है और ऐसा ही चला तो हम इनके साथ कभी दोस्ती नहीं करेंगे।

उद्धव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कई बार दोहराया कि भाजपा ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है और इससे वे आहत हैं। सरकार बनाने पर उन्होंने कहा, देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाने का दावा किया है। पहले वे कोशिश कर लें, फिर हम हमारी कोशिश कर लेंगे।

बकौल उद्धव, 'मैंने भाजपा से 50-50 पर साफ बात की थी। हम डिप्टी सीएम के लिए तैयार नहीं थे। हमने हर स्तर पर समझौता किया, लेकिन अब नहीं करेंगे। अब बराबरी की बात करेंगे। हमें ढाई-ढाई साल सीएम वाला फॉर्मूला चाहिए। मैंने अपने पिता से वादा किया था। पीएम मोदी ने मुझे दो बार अपना छोटा भाई कहा। कोई है जो नहीं चाहता कि भाजपा और शिवसेना साथ रहे।'

बकौल उद्धव, 'हमारे साथ धोखा हुआ है। हम हर तरह के समझौते के लिए राजी थे। भाजपा अपने वादे से मुकर गई है। मुझे दुख है कि मैं इतने सालों तक ऐसी पार्टी के साथ रहा। बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं, लेकिन मैं झूठे आरोप बर्दाश्त नहीं कर सकता। सरकार बनाने को लेकर उद्धव ने कहा- अभी राकांपा से बात हुई है, लेकिन कांग्रेस से कोई बात नहीं हुई है।'

इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद उन्होंने मीडियो को भी संबोधित किया। फडणवीस जब यह बयान जारी कर रहे थे तब शिवसेना नेता संजय राउत, राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के निवास पर थे। दोनों नेताओं ने साथ बैठकर यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनी। पवार के निवास से बाहर निकलकर राउत ने कहा, 'भाजपा के पास बहुमत नहीं है। यदि हो तो वे सरकार बना लें। शिवसेना जब चाहे तब सरकार बना सकती है, हम सभी से सम्पर्क में हैं और हमारा दावा है कि प्रदेश में कोई शिवसैनिक ही मुख्यमंत्री बनेगा।'

पवार के निवास से बाहर आकर राउत ने देवेंद्र फडणवीस के लगाए सभी आरोप खारिज कर दिए और बोले - 'सीएम का इस्तीफा देना कोई नई बात नही हैं। उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, वो सरासर गलत हैं। शिवसेना और भाजपा के बीच फिफ्टी-फिफ्टी की बात हुई थी। हमने कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का अपमान नहीं किया। हम इन नेताओं का सम्मान करते हैं और कभी इनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की।'

बता दें, महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी और 24 अक्टूबर को सभी 288 सीटों पर नतीजे घोषित हुए थे। भाजपा को 105 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि शिवसेना के खाते में 56 सीटे गई थीं। रापांका को 54 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को महज 44 सीटों से संतोष करना पड़ा था। प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा 145 है, जिसे भाजपा-शिवसेना गठबंधन आसानी से पूरी कर पा रहा है, लेकिन सत्ता के बंटवारे पर बात नहीं बनी है।

Posted By: Arvind Dubey