मुंबई। शिवसेना-भाजपा भले ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ रहे हों, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच की तल्खी अब खुलकर सामने आने लगी है। शिवसेना प्रमुख ने मुखपत्र सामना को दिए एक इंटरव्यू में आर्थिक मंदी को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, "कोई मंदी की बात माने या न माने, लेकिन नौकरियां जाने और उद्योग-धंधे बंद होने की बात सबके सामने है।"

सामना के संपादक और शिवसेना नेता संजय राउत को मुखपत्र सामना में दिए इंटरव्यू में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरे मिल कॉलोनी में मेट्रो डिपो, केंद्र की फसल बीमा योजना, महाराष्ट्र में सूखे और बाढ़ की समस्या को सरकार ने कैसे संभाला इन तमाम मुद्दों पर उन्होंने खुलकर बात की।

मेट्रो डिपो के लिए पेड़ काटे जाने से नाराज हैं ठाकरे

मुखपत्र सामना में दिए इंटरव्यू में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मेट्रो डिपो के लिए गोरेगांव के आरे कॉलोनी में पेड़ काटे जाने के सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, "पेड़ों को काटे जाने के पीछे जिन अफसरों का हाथ है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। शिवसेना मेट्रो डिपो का नहीं, जिस जगह ये बनाया जा रहा है उसका विरोध कर रही है।"

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने से पहले मुंबई के सबसे हरे-भरे इलाकों में से एक आरे कॉलोनी में मेट्रो डिपो के लिए दो हजार से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके थे। सरकार के इस कदम का शुरू से ही स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है।

'बदले की राजनीति ठीक नहीं'

शिवसेना सुप्रिमो ने इशारों-इशारों में ही बदले की राजनीति को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि, "महाराष्ट्र में बदले की राजनीति की कोई जगह नहीं है। उनका इशारा एनसीपी प्रमुख शरद पवार और भतीजे अजीत के खिलाफ चल रही ईडी की जांच की तरफ था। उन्होंने कहा कि, अगर सरकार बदले की सोच के साथ काम कर रही है तो मेरा ये मानना है कि सत्ता का सही उपयोग होना चाहिए और किसी भी कीमत में इसका इस्तेमाल बदले के लिए नहीं होना चाहिए। वो बोले कि चुनाव से पहले इसकी जरूरत नहीं थी। वो यहीं नहीं रुके उन्होंने बाला साह ठाकरे के साल 2000 में मुखपत्र सामना में लिखे एक संपादकीय का हवाला देते पूर्व की कांग्रेस-एनसीपी सरकार को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि, बदले की राजनीति के तहत ही उनके खिलाफ सरकार ने सिर्फ एक संपादकीय लिखने की वजह से केस दर्ज किया था।"

महाराष्ट्र की बाढ़ को लेकर ये बोले शिवसेना सुप्रिमो

जब इस इंटरव्यू में उनसे ये सवाल पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र सरकार बाढ़ और मराठवाड़ा के सूखा प्रभावितों तक राहत पहुंचाने में पीछे रही तो उद्धव ठाकरे ने सीधे कुछ नहीं बोला। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की बात उठाते हुए कहा कि इस वक्त केवल महाराष्ट्र नहीं ये पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है। जो बारिश पूरे महीने में होती है थी, वो इस साल एक दिन में गिरी है।

Posted By: Saurabh Mishra

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