मुंबई। महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी पूरे शबाब पर है। नामांकन दाखिल करने और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन इस बार सोलापुर जिले की सांगोल विधानसभा सीट पर जाना पहचाना चेहरा बतौर उम्मीदवार नजर नहीं आ रहा है। महाराष्ट्र की सियासत के सबसे उम्रदराज नेता पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (PWP) के गणपतराव देशमुख ने आखिरकार बढ़ती उम्र के बीच 93 साल की उम्र में चुनावी राजनीति को अलविदा कह दिया है। 11 बार के विधायक और पूर्व मंत्री रहे गणपतराव ने दिन पर दिन बिगड़ रही सेहत के बाद यह निर्णय लिया। इसके साथ ही इस बार गणपतराव चुनाव प्रचार में भी नजर नहीं आएंगे।

पिछले साल तक गणपतराव एक बार फिर चुनावी मैदान में नजर आने के लिए कमर कसे हुए थे। यही वजह थी कि उन्होंने पिछले साल अपनी योजनाओं की घोषणा की थी, लेकिन हाल ही में PWP के महासचिव जयंत पाटिल ने देशमुख के चुनाव ना लड़ने की जानकारी सार्वजनिक दी।

पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले की सांगोल सीट से गणपतराव लंबे अर्से तक विधायक रहे हैं। वे डीएमके के दिवंगत नेता एम करुणानिधि के बाद सबसे ज्यादा लंबे वक्त तक विधायक रहने वाले नेता हैं। बता दें कि करुणानिधि जहां 13 बार चुनाव जीतकर 61 साल तक विधायक रहे थे, वहीं गणपतराव 11 बार चुनाव जीतते हुए 56 सालों तक विधायक रहे हैं।

पार्टी ने पोते को बनाया उम्मीदवार

PWP एक बार फिर गणपतराव को ही सांगोल विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाने जा रही थी। लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते ऐन वक्त पर गणपतराव द्वारा विधानसभा चुनाव ना लड़ने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पार्टी ने उनके पोते अनिकेत देशमुख को उम्मीदवार बनाया है। अनिकेत पेशे से डॉक्टर हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक 21 अक्टूबर को राज्य में 288 सीटों के लिए मतदान होना है। वहीं 24 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।