Maharashtra: शिवसेना (Shiv Sena) संस्थापक बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackrey) की सातवीं पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि देने सभी दलों के नेता शिवाजी पार्क पहुंचे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) भी शामिल थे। लेकिन जब वह श्रद्धाजंलि अर्पित कर लौट रहे थे, तब कुछ शिवसैनिकों ने नारेबाजी कर असहज स्थिति पैदा करने की कोशिश की। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शिवसेना ने इस मौके का इस्तेमाल 'शक्ति प्रदर्शन' के लिए भी किया। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में शिवसैनिक जुटे थे।

दूसरी ओर, शिवसेना प्रवक्ता तथा राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एकबार फिर दोहराया कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा, जैसा कि उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे को वचन दिया था। मुख्यमंत्री पद को लेकर चली रार के बाद भाजपासे अलग होने वाली शिवसेना के कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस के काफिले के निकट खड़े थे और विधानसभा चुनाव के दौरान उनके मराठी नारे (मी परत येइन - मतलब, मैं लौट कर आऊंगा) से तंज किया। शिवसैनिकों ने 'छत्रपति शिवाजी महाराज की जय' का भी नारा लगाया। लेकिन फडणवीस अपने काफिले, जिसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, बिना कोई प्रतिक्रिया जताए वहां से निकल गए।

जब फडणवीस और उनका काफिला शिवाजी पार्क पहुंचा, तब तक शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे वहां से जा चुके थे। शिवसेना की ओर से वहां प्रमुख लोगों में सिर्फ उद्धव ठाकरे के निजी सहायक मिलिंद नार्वेकर ही मौजूद थे।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने पुत्र आदित्य ठाकरे समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों तथा नवनिर्वाचित विधायकों के साथ श्रद्धांजलि देने शिवाजी पार्क पहुंचे थे। शिवसेना के नेता सुबह 10 से 12 बजे के बीच जबकि फडणवीस, विनोद तावड़े, पंकजा मुंडे दोपहर एक बजे के बाद पहुंचे थे।

इसके पहले फडणवीस ने टि्‌वटर पर बाल ठाकरे के कुछ जोशीले भाषणों का वीडियो ट्‌वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेसऔर राकांपा नेता भी शामिल रहे। इनमें से कुछ लोग शिवाजी पार्क स्थित स्मृति स्थल पहुंचे तो कुछ ने टि्‌वटर पर उन्हें याद किया।

Posted By: Arvind Dubey