मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार गठबंधन के दलों के बीच सीधा मुकाबला है। सत्तारूढ भाजपा-शिवसेना गठबंधन के सामने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन है। अब चुनाव में चंद रोज ही बाकी रह गए हैं ऐसे में सोमवार को कांग्रेस-एनसीपी द्वारा अपना संयुक्त चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। इसमें जनता से जुड़े कई लुभावने वादे किए गए हैं। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक इस घोषणापत्र में गठबंधन दलों ने बेरोजगार युवाओं के साथ किसानों का भी ध्यान रखा है। घोषणापत्र में युवाओं और बेरोजगारों को 5 हजार रुपए मासिक भत्ता देने की घोषणा की गई है। वहीं किसानों को कर्जमाफी का वादा किया गया है।

इस घोषणापत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, गांवों से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण सहित कई अन्य मुद्दों पर भी लोकलुभावन वादे किए गए हैं।

कांग्रेस, एनसीपी की बढ़ी हैं परेशानी

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस और शिवसेना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम पार्टी के खिलाफ पहले ही मोर्चा खोल चुके हैं। इससे प्रदेश कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। वहीं एनसीपी और कांग्रेस से वरिष्ठ नेताओं के जाने का सिलसिला जारी है।

हाल ही में उछले महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक में एनसीपी अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर होने के साथ ही उनके भतीजे और वरिष्ठ नेता अजीत पवार भी उलझे हुए हैं। ऐसे में दोनों ही दलों में राजनीतिक अस्थिरता नजर आ रही है।

इस बार भाजपा-शिवसेना हुआ गठबंधन

महाराष्ट्र में साल 2014 में भाजपा और शिवसेना सीट बंटवारे की वजह से गठबंधन नहीं कर सके थे। इस बार भी लंबे वक्त तक दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी थी। हालांकि आखिर में भाजपा 150 सीटों और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गए हैं। हालांकि अभी चुनाव ही नहीं हुए हैं, लेकिन दोनों ही दलों के बीच अभी से सीएम की सीट पर खींचतान शुरू हो गई है।