जलगांव। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलगांव में चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जलगांव में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह विरोधियों को चुनौती देते हैं कि अगर उनमें दम है, तो अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये घोषणा करें कि वे अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे। वर्ना ये घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें।

पीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमारे लिए सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है, भारत का मस्तक है। वहां का समूचा जीवन, कण-कण भारत की सोच और शक्ति को मजबूत करता है। अनुच्छेद 370, 35A, तीन तलाक जैसे मुद्दों पर पीएम ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को घेरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में 13 से 18 अक्टूबर के बीच 9 जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो पूरा देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा विपक्ष सोच दिखती है। पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं का ताल-मेल पड़ोसी देश के साथ मिलता जुलता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे देश के कुछ राजनीतिक दल, कुछ राजनेता, राष्ट्रहित में लिए गए इस निर्णय पर राजनीति करने में जुटे हैं। आप बीते कुछ महीनों में कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के बयान देख लीजिए, मेल-मुलाकातों को देख लीजिए। जम्मू-कश्मीर को लेकर जो देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी बातों में दिखता है, इनकी सोच और व्यवहार में दिखता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच अगस्त को आपकी भावना के अनुरूप भाजपा-एनडीए सरकार ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया, जिसके बारे में सोचना तक पहले असंभव लगता था। एक ऐसी स्थिति जिसमें जम्मू-कश्मीर के गरीब की, बहन-बेटियों की, दलितों और शोषितों के विकास की संभावनाएं नहीं के बराबर थी। आज नया भारत ठान चुका है कि उसे अतीत के अनावश्यक बंधनों में बंधकर नहीं रहना है।

पीएम मोदी ने कहा- आप जानकार हैरान हो जाएंगे कि 70 साल तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे वाल्मीकि भाइयों को मानवाधिकारों से भी वंचित कर दिया गया था। आज मैं भगवान वाल्मीकि के चरणों में नमन करते हुए कहता हूं कि मुझे अपने उन भाइयों को गले लगाने का सौभाग्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उस स्थिति में केवल अलगाववाद का विस्तार हो रहा था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

fantasy cricket
fantasy cricket