Hyderabad Murder case : जहां एक तरफ देश में Hyderabad की महिला डॉक्टर के दोषियों को पुलिस द्वारा Encounter में मार गिराए जाने के बाद जश्न मन रहा है, वहीं इस बात पर भी चर्चा गर्म है कि इससे इन हैवानों को कितना सबक मिलेगा। लोग हैदराबाद की घटना को लेकर अफसोस जता रहे थे और न्याय की मांग कर रहे थे उन्हें आज न्याय मिल गया। वहीं कुछ को इस देश में महिलाओं की सुरक्षा की चिंता है। इन्हीं में से एक हैं Anoushka Shankar। मशहूर सितार वादक Anoushka Shankar स्वयं सार्वजनिक रूप से यह बता चुकी हैं कि उन्हें भी यौन हिंसा का शिकार होना पड़ा था और उनका कहना है कि यह देश महिलाओं के लिए नहीं है।

इस एनकाउंटर से कुछ घंटों पहले Anoushka Shankar ने ट्विटर पर अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि कैसे एक दुष्कर्म ने उनकी जिंदगी बदल दी क्योंकि उन्होंने खुद अपने शरीर पर यह हमला झेला है। उन्होंने यह भी लिखा कि कैसे सभी ने इससे पहले निर्भया केस में दुख जताया था।

Anoushka Shankar ने लिखा है, ''लगभग सात साल पहले वो दिन भी था जब दुनिया ने निर्भया के साथ हुई बेरहमी और फिर उसकी हत्या का दुख मनाया था 2004 की सुनामी के बाद जैसे धरती की धुरी बदली वैसे ही मैं आज एक इमोशनल एक्सिस बेंड महसूस कर रही हूं।''

उन्होंने आगे लिखा है, 'मेरी खुद की जिंदगी उसके हमले के बाद बदल गई। मेरे लिए यह पिछले कुछ सालों में देखी गई महिलाओं के मूवमेट की असली शुरुआत थी। मैंने उस पर हुए हमले को खुद के शरीर पर महसूस किया था और आखिर में खुद के साथ हुई यौन हिंसा का वीडियो शेयर किया था। यह उस गुस्से का हिस्सा था जो महिलाओं में बदलाव के लिए था।'

एक अन्य ट्वीट में Anoushka Shankar ने देश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा ''लोग न्याय मांगते हैं लेकिन कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने लिखा, भारत ने नए कानून बना और कोर्ट बनाई। लोग न्याय मांग रहे हैं फिर भी वो बदलाव कहा हैं? इस हफ्ते यह हैदराबाद की डॉक्टर है लेकिन पिछले एक साल में ही मैं आठ साल से लेकर 12 साल तक की ऐसी ही लड़कियों के लिए रोई हूं।''

Anoushka Shankar ने आगे लिखा है ''यह एक वैश्विस संक्रमण है और भारत महिलाओं के लिए देश नहीं है। मैं शून्य में हूं। मुझे नहीं पता मैं क्या करती रहूं। मैं जोर से चीखना चाहती हूं लेकिन खुद के बेजुबान महसूस करती हूं। क्योंकि, कुछ भी नहीं बदल रहा और महिलाओं के साथ हर मिनट दुष्कर्म हो रहे हैं।''

उन्होंने उन लोगों पर भी गुस्सा जताया जो महिलाओं के पहनावे पर सवाल उठाते हैं साथ ही यह पूछते हैं महिलाएं रात में अकेले क्यों सफर करती हैं। वो हमें सीखाने के बजाय मर्दों को सिखाए कि वो हमें भी इंसानों की तरह समझे।

Posted By: Sudeep mishra

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