इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बॉडी बिल्डिंग ऐसा खेल है जो स्वस्थ्य दिनचर्या और अनुशासन सिखाता है। युवा जल्द बॉडी बनाने के लिए शार्टकट अपनाते हैं और नशे की लत में पड़ जाते हैं। बॉडी बिल्डिंग के नाम पर लोहा उठाने से कुछ नहीं होता, सही मार्गदर्शन भी जरूरी है। यह कहना है देश के ख्यात बॉडी बिल्डर और अभिनेता साहिल खान का। वर्ष 2001 में आई फिल्म स्टाइल से फिल्मी सफर शुरू करने वाले साहिल खान का करियर रुपहले पर्दे पर तो कुछ खास नहीं रहा, लेकिन बॉडी बिल्डिंग ने उन्हें सितारों सी शोहरत दिलाई। युवाओं में उनकी दीवानगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विजय नगर स्थित सयाजी होटल से निकलकर कनाड़िया रोड़ स्थित जिम पहुंचने तक प्रशंसकों का हुजूम उनके साथ चला। कनाड़िया रोड़ पर तो जाम जैसे हालात बन गए। वापस लौटते समय धक्का-मुक्की में वे खुद फिसल गए। इस बीच उन्होंने कहा कि बॉडी बिल्डिंग में बहुत प्यार और सम्मान मिला है। अब अभिनय में दोबारा लौटने की इच्छा नहीं है। सुशांतसिंह राजपूत के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकारा की फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद है।

बॉडी बिल्डिंग के गुरुमंत्र :

-मेहनत का कोई शार्टकट नहीं : साहिल ने कहा- बॉडी बनाने के लिए मेहनत जरूरी है। कोई शार्टकट नहीं है। मेरी पहली फिल्म स्टाइल करीब 20 साल पहले आई थी, तब से अब तक मैं वैसा ही हूं क्योंकि नियमित व्यायाम करता हूं।

-प्रोटीन की जरूरत क्यों : बॉडी बनाने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। बचपन से हमें व्यायाम के बाद दूध पीना सिखाया जाता है क्योंकि शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है। जब बॉडीबिल्डिंग करते हैं तो ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत होती है।

-नशे से बचें : बॉडीबिल्डरों को प्रोटीन सप्लीमेंट के बहाने ड्रग्स की लत लगाने के प्रयास हो रहे हैं, जो गलत हैं। युवा ध्यान रखें कि सप्लीमेंट अच्छी कंपनी और भरोसेमंद ब्रांड के ही हों। ड्रग्स के खिलाफ सख्त कानून की भी जरूरत है।

-योग्य मार्गदर्शक जरूरी : सिर्फ वजन उठाने से बॉडी नहीं बनती। यह पता होना चाहिए कि कितना वजन उठाना है और कब शरीर को आराम देना है। इसके लिए योग्य मार्गदर्शक जरूरी है। गूगल के भरोसे न रहें क्योंकि बहुत सा व्यवहारिक ज्ञान इंटरनेट पर नहीं मिलता।

-मांसाहार जरूरी नहीं : बॉडी बनाने के लिए मांसाहार जरूरी नहीं है। शाकाहार से भी बॉडी बनाई जा सकती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस स्तर पर व्यायाम कर रहे हैं और लक्ष्य कैसा है।

-जिम के साथ जीभ पर भी नियंत्रण जरूरी : ट्रेनर फरहान खान ने बताया कि साहिल का जीभ पर इतना नियंत्रण है कि मिठाई का एक टुकड़ा भी नहीं लेते। साहिल ने इस पर कहा कि मेरी उम्र 45 साल हो चली है, जो खा रहे हैं उसे पचाना भी होता है। बॉडी बिल्डिंग में खान-पान का बहुत ध्यान रखना होता है। बहुत ज्यादा खाने से बॉडी नहीं बनती।

Posted By: Navodit Saktawat

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