Aamir Khan की Gulshan Kumar biopic Mogul में वापसी से अब तूफान उठ रहा है। फिल्मी दुनिया की वो महिलाएं आवाज बुलंद कर रही हैं जो MeToo कैम्पेन का परचम उठाए थीं। गीतिका त्यागी के बाद तनुश्री दत्ता ने भी लगभग वही सवाल आमिर खान से किए हैं।

बता दें कि कुछ महीने पहले आमिर ने Gulshan Kumar biopic Mogul से अलग होने का फैसला लिया था। वजह थी इसके निर्देशक सुभाष कपूर पर यौन शोषण के आरोप। ये आरोप गीतिका त्यागी ने लगाए थे। आमिर ने अपनी वापसी के जो तर्क दिए हैं उसमें आमिर ने कहा है कि एक व्यक्ति दोष साबित होने तक निर्दोष है। दो दिन पहले आमिर खान ने कहा '' मुझे रात को नींद नहीं आ रही थी कि मेरे कारण कहीं एक निर्दोष इंसान बेरोजगार तो नहीं हो गया है। जब हम फिल्म कर रहे थे तो हमें नहीं पता था कि सुभाष कपूर के खिलाफ एक मामला चल रहा है, यह पांच या छह साल पुराना था। सुभाष कपूर को लेकर यह बात वास्तव में हमें परेशान कर रही थी कि हमारे इनकार से अनजाने में एक व्यक्ति को परेशानी में है, और अपना रोजगार खोने की कगार पर है। कानून किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष मानता है जब तक कि वह दोषी साबित न हो जाए। लेकिन जब तक अदालत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं, तब तक क्या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाना चाहिए? क्या ऐसे लोगों को सिर्फ घर पर बैठना चाहिए ?''

इस बात बात तनुश्री दत्ता ने कहा है 'बॉलीवुड में तब क्यों लोग आराम से सो पाते हैं जब शोषण की शिकार महिला सदमे के कारण काम नहीं कर पाती है। अगर वो सुभाष कपूर को काम दे सकते हैं तो गीतिका कपूर को क्यों नहीं। 2009 में हुए हॉर्न ओके प्लीज के हादसे के बाद मुझसे किसी ने नहीं पूछा था कि मैं अपनी आजीविका के लिए क्या कर रही हूं। मुझ पर कोई मेहरबानी क्यों नहीं आमिर?'

बता दें कि सुभाष पर आरोप लगाने वाली गीतिका त्यागी ने भी लगभग यही बात कही है। गीतिका ने भी 'मिड डे' से इस बारे में कहा है 'मैंने किरण राव और आमिर खान के फिल्म से अलग होने के फैसले की सराहना की थी क्योंकि इससे कई महिलाओं को ताकत मिल रही थी कि वे खुलकर अपनी कहानी बता सकें। अब सुभाष कपूर को फिर से फिल्म में बुला लिया गया है। यह सब तब ज्यादा उचित होता जब दोनों पक्षों की कहानी सुनकर यह फैसला लिया जाता।'

2014 में गीतिका ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें सुभाष कपूर उनसे अपने किए पर माफी मांगते दिख रहे हैं। गीतिका ने कहा है 'मैंने कभी नहीं कहा है कि सुभाष को काम नहीं मिलना चाहिए। लेकिन मुझे शिकायत करने के बाद लंबे समय तक काम नहीं मिला था। इंडस्ट्री में शिकायत करने वाली महिलाओं के साथ ऐसा होता ही है। क्रिमिनल केस को सुलझने में वक्त लगता है और यही सच्चाई है।'

आमिर के इस फैसले की दो दिन से इंटरनेट पर खूब तारीफ हो रही है। आमिर के इस फैसले को साहसिक बताया जा रहा है। इंटरनेट पर दो दिन से ही #AamirKhan, #SubhashKapoor and #Mogul ट्रेंड कर रहा है। लोगों से इस बारे में कई ट्वीट भी किए।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आमिर खान ने ट्वीट किया था कि वह 'मुगल' का हिस्सा नहीं होंगे। इसी साल आमिर को निर्देशक संघ IFTDA से एक पत्र मिला था। इस पत्र में लिखा गया था कि सुभाष कपूर के मामले में आमिर को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए और ऐसे समय तक निर्देशक को अपनी कमाई का अधिकार नहीं खोना चाहिए।

पत्र में यह भी लिखा गया कि सुभाष अभी दोषी साबित नहीं हुए है इसलिए कृपया ऐसा कुछ न करें जो उनके लिए नुकसानदेह साबित हो। आमिर लगभग 10-12 महिलाओं से मिले और उनसे बात की जिन्होंने सुभाष के साथ काम किया था। पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही उन्होंने फिल्म के लिए हामी भरी। आमिर के मुताबिक किसी महिला ने सुभाष की कोई बुराई नहीं की।