Amazon Prime Video की Web Series Mirzapur के 'कालीन भैया' यानी पंकज त्रिपाठी का मानना है कि एक्टर्स को बेहतर इंसान बनने के लिए अपनी भावना से परे जाना चाहिए। पंकज से जब यह पूछा गया कि जब कलाकार एक फिल्म सेट से दूसरे सेट पर जा रहे होते हैं, तो पात्रों के जीवंत अनुभवों के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं? पंकज त्रिपाठी इस बारे में कहते हैं कि कोई भी यात्रा नए अनुभवों और संस्कृतियों की खोज करने का एकमात्र तरीका है इसलिए हर बार जब शूटिंग शेड्यूल के बीच वक्त होता है, तो वह अपने परिवार के साथ अनएक्सप्लोर्ड इलाकों में छुट्टियां मनाते हैं।

पंकज मानते हैं कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों की यात्रा अलग - अलग क्षेत्रों के लोगों से मिलने में मदद करती है और इससे बेहतर अभिनेता बनाने में मदद मिलती है। पकंज बताते हैं “एक्टिंग करते समय, एक अभिनेता का काम उसे किसी दूसरे के बारे में सोचने की अनुमति देता है - जैसे उस किरदार की भावनात्मक, सामाजिक स्थिति। किरदार में ढलना कलाकार के रूप में अधिक व्यवस्थित, दीन और मजबूत बनाता है। जब कोई, किसी अन्य व्यक्ति के बारे में सोचता है तो वह बेहतर इंसान बनने लगता है। बेहतर इंसान बनने के लिए खुद से परे जाना बेहद जरूरी है।"

पंकज बताते हैं ''हमेशा ही यात्रा मेरे लिए आंख खोलने वाला अनुभव रहा। यात्रा के दौरान मिलने वाले लोगों के दुख, शोक, ईर्ष्या, कष्ट और खुशी से आप सीख लेते हो। यात्रा अभिनेता के मिथक को तोड़ती है और उसे बेहतर अभिनेता बनाती है।''

मार्च से लगे लॉकडाउन में कारण पंकज ने एक अभिनेता के रूप में अपने कौशल को सुधारने के लिए नए तरीके खोजे। वो बताते हैं ''सोशल मीडिया के माध्यम से, मैंने सिनेमा प्रेमी और फैन्स के साथ समीकरण बनाए हैं। इनमें से कुछ ने मुझे उनके जीवन और उनके अस्तित्व में एक झलक पाने में मदद की। एक ऐसे जीवन से परिचित कराया जो मेरी सोच से परे है। जब भी लॉकडाउन खुलेगा, मैं फिर से यात्रा करने का इंतजार नहीं कर सकता। ऐसी दुनिया में खो जाना जो मुझ से परे है।''

Posted By: Sudeep Mishra

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