Prabhas को हमेशा से लगता था कि वह शर्मीले हैं और कैमरे का सामना नहीं कर पाएंगे और उन्होंने हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में करियर बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन वह न केवल शोबिज की दुनिया में आए बल्कि 'बाहुबली' फिल्म फ्रेंचाइज के साथ दुनियाभर में ख्याति पाई। एक्टर कहते हैं कि वह अभी भी पब्लिक इवेंट्स में जाने पर असहज महसूस करते हैं और स्टारडम हैंडल करने की कला सीख रहे हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान प्रभास ने कहा था, 'जब मैं इंटरव्यू के लिए जाता हूं तो अभी भी शर्माता हूं। मैं चाहता हूं कि कई लोग आए और मेरी फिल्म देखें लेकिन मैं लोगों का सामना नहीं कर सकता हूं।'

उन्होंने यह भी कहा था, 'इंडस्ट्री में 15 सालों से ज्यादा समय तक रहते हुए भी मैं नहीं जानता कि स्टारडम कैसे हैंडल करूं। मेरे फैन्स को बुरा लगता है कि उनका हीरो ज्यादा बाहर नहीं आते हैं। मैं पहले से बेहतर हूं और सुधार की कोशिश कर रहा हूं।'

उनके पिता प्रसिद्ध निर्माता उप्पलापति सूर्य नारायण राजू और उनके चाचा कृष्णम राजू उप्पलपति ने तेलुगु सिनेमा में भी नाम कमाया है। कई लोगों ने सोचा होगा कि उनका परिवार की फिल्मों से जुड़ा है तो उन्हें स्वाभाविक रूप से वह फिल्म उद्योग में ही आएंगे लेकिन ऐसा नहीं था।

प्रभास का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाने के सुझाव से इनकार कर दिया था, और उन्हें ज्यादा समझ नहीं आया कि उनका बाद में मन कैसे बदल गया। उन्होंने कहा था, 'मेरे चाचा एक अभिनेता हैं, मेरे पिता एक निर्माता हैं, इसलिए उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मुझे दिलचस्पी है, और मैं सोचता कि इतने कैमरे, लाइट्स और लोगों के सामने कोई कैसे एक्ट कर सकता है। मैं शर्माता था... मेरे माता-पिता ने मुझसे एक या दो बार एक्टर बनने के अपने फैसले के बारे पूछा और मैंने कहा था कि यह असंभव है।

प्रभास ने कहा था, 'मैंने सोचा था कि मैं कुछ बिजनेस करूंगा क्योंकि मैं आलसी हूं और मैं नौकरी नहीं कर सकता। मैंने सोचा था कि शायद मैं होटल बिजनेस में जाऊंगा क्योंकि हमारा परिवार फूड्स पसंद करता है और नॉर्थ इंडियन फूड हैदराबाद में बहुत प्रसिद्ध है।'

उन्होंने बताया था कि आखिर उनका मन फिर कैसे बदला। प्रभास ने कहा, 'मुझे जहां तक याद है वास्तव में मुझे पता नहीं कि मेरे दिमाग को क्या हुआ था। एक दिन मैं बापू की डायरेक्ट की मेरे अंकल की फिल्म देख रहा था। मैंने मेरे अंकल के किरदार में खुद की कल्पना की..तब से मैं धीरे-धीरे इस बारे में सोचने लगा था।'

साल 2002 में तेलुगु फिल्म 'ईश्वर' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले प्रभास का कहना था कि उन्होंने अपने एक्टिंग की इच्छा के बारे में अपने परिवार को बताया तो उन्हें बहुत समय तक यकीन नहीं हुआ। प्रभास के मुताबिक, 'एक दिन, मैंने अपने दोस्त को बताया कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं, और उसने मुझ पर विश्वास नहीं किया ... उसने मुझे पर कम से कम 10 दिनों के बाद विश्वास किया। और अब वह साहो का निर्माता हैं।'

उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में 'राघवेंद्र', 'बारीश: द सीजन ऑफ लव', 'वर्शम',

'जीने नहीं दूंगा', 'छत्रपति', 'योगी', 'रिबेल' और 'पोरमनी' जैसी फिल्मों के साथ अपनी जगह बनाई। लेकिन 'बाहुबली' के अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली के रूप में उनकी भूमिका ने उनके लिए पूरे खेल को बदल दिया, और उन्हें भारत और दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया। पहला भाग 'बाहुबली: द बिगिनिंग' 2015 और दूसरा भाग 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' साल 2017 में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2019 में भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक साहो रिलीज हुई।

Posted By: Sonal Sharma

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