'सांड की आंख' के टीजर को देखना मजेदार है। 1.23 मिनट के इस टीजर से अंदाजा हो जाता है कि फिल्म बोर नहीं करने वाली है। खेल पर फिल्में वैसे ही हमारे देश में कम बनती हैं, उस पर अच्छी बनना तो और बिरली बात है। यहां अनुराग कश्यप की मौजूदगी है और शुद्ध देसी अंदाज है तो बात बनती दिख रही है। टीजर में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर अपने कोच के साथ ज्यादा दिखी हैं। इससे अंदाजा हो जाता है कि तीनों ही इस फिल्म का वजन उठाने वाले हैं। टीजर में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने सांड की आंख का अंग्रेजी में मतलब भी... मतलब 'बुल्स आई' भी समझाया है। टीजर एक बच्ची की आवाज में शुरू होता है जो अपनी दादी की कहानी सुना रही है। टीजर बढ़िया है, फिल्म के प्रति उत्साहित करता है। सबसे अच्छी बात एक ताजगी और गजब की सकारात्मकता है।

तकलीफदेह सिर्फ तापसी और भूमि का बूढ़ा वाला लुक है। केवल बाल सफेद करने से और झुर्रियां चिपकाने से किसी को बूढ़ा नहीं दिखाया जा सकता। आमिर का 'दंगल' लुक याद कीजिए, आमिर सशरीर बूढ़े हुए थे। ये दोनों हीरोइनें पूरी तरह से मेकअप पर निर्भर हुई हैं। उनकी आंखों और आवाज में ... जवानी खनकती है। यह अखरता है। पता नहीं फिल्म में इन दोनों का बुढ़ापा कैसे झेला जाएगा।

इस फिल्म में तापसी का नाम प्रकाशी तोमर है और भूमि का चंद्रो तोमर। हरियाणावी में परकासी बोलने भर से यह बोली वहां की नहीं हो जाती। हिंदी भरपूर है और ये दोनों ही बोलती हैं। टीजर में निशानेबाजी के जौहर दिखाने की जरुरत नहीं थी। हां, यह अच्छा किया कि इसका टाइटल ट्रेक सुनवाया। यह गाना वाकई अच्छा है। नूरा सिस्टर्स में से किसी एक ने इस गाने को सुनिधि चौहान के साथ मिलकर गाया है, यह मेल कमाल का है और रोमांचित करता है।

लग रहा है कि अगले कुछ दिनों में ट्रेलर भी आ जाएगा। इस फिल्म का दिवाली पर रिलीज होना है तो कहा जा सकता है कि अभी काफी वक्त है।

बता दें कि अनुराग कश्यप के प्रोडक्शन की इस फिल्म का नाम पहले 'वुमनिया' रखा जा रहा था। 'वूमनिया' टाइटल प्रीतिश नंदी की कंपनी के पास था और अनुराग को यह नहीं मिला।