Sona Mohapatra ने वो काम किया है जो आज तक कोई भारतीय महिला कलाकार नहीं कर पाई। पारंपरिक सूफी कव्वाली Nit Khair Manga को यूं तो कई पुरुष संगीत सितारे गा चुके हैं लेकिन भारत में किसी महिला ने इसे नहीं गाया था। अब सोना ने इसे गाया है। इस सूफियाना कलाम को उस्ताद नुसरत फतेह अली खान ने भी गाया था और उनका गाया ज्यादा प्रसिद्ध हुआ।

Sona Mohapatra अब पहली भारतीय महिला गायक बन गई हैं जिन्होंने इस क़व्वाली को एक फंक-फ्यूजन अंदाज में जारी किया है। इस गाने की मेकिंग उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "शट अप सोना" में भी शामिल की गई है। इस डॉक्यूमेंट्री को अमेरिका के टोरंटो में सबसे बड़े वृत्तचित्र हॉट डॉक्स समारोह में दिखाया जा रहा है।

मूल गीत की आत्मा और प्रामाणिकता को बरकरार रखते हुए सोना ने इसे ताजा अंदाज में और शक्तिशाली गायन से अलग आयाम दिए हैं। बिना शर्त प्यार का सार यह गाना जीवित रखता है। 'नित खैर मंगा' उनके दिल में एक खास जगह रखता है। सोना के पार्टनर संगीतकार राम संपत ने विश्व स्तरीय प्रोडक्शन का प्रबन्ध किया। वैसे राम अपने संगीत के साथ कोई समझौता नहीं करते हैं।

ऐसे समय में जब दुनिया महामारी के कारण व्याकुल है, सोना को उम्मीद है कि यह गीत हमारे आसपास मौजूद अच्छाई की याद दिलाएगा। सोना इस गीत से सीमाओं को लांघना चाहती हैं। वो कहती हैं ''अपने संस्करण को दुनिया के सामने पेश कर बेहद खुश हूं। नुसरत साहब ने भी इस क्लासिक को गाया है, लेकिन मेरी व्याख्या स्त्री दृष्टिकोण से काफी अलग है। मैं जो सही है उसके लिए खड़ा होने पर विश्वास करती हूं और सकारात्मकता भी फैलाती हूं। दुनिया को इस समय इसकी जरूरत है और पहले से कहीं ज्यादा भी है। मुझे उम्मीद है कि यह गाना एकता और प्रेम के संदेश फैलाने में मदद ही करेगा।''

Posted By: Sudeep Mishra

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