Aamir Khan ने Gulshan Kumar biopic Mogul में वापसी कर ली है। उन्होंने इससे अलग होने के अपने फैसले को वापस ले लिया है। आमिर इस फिल्म से इसलिए अलग हुए थे कि इसके निर्देशक सुभाष कपूर पर शोषण के आरोप एक महिला ने लगाए थे। इंटरनेट पर आमिर के इस फैसले की खूब तारीफ हो रही है। लोगों ने आमिर के इस फैसले को साहसिक बताया है।

इंटरनेट पर कल से ही #AamirKhan, #SubhashKapoor and #Mogul ट्रेंड कर रहा है। लोगों से इस बारे में ट्वीट किए हैं।

पिछले साल अक्टूबर में आमिर खान ने ट्वीट किया था कि वह 'मुगल' का हिस्सा नहीं होंगे। आमिर ने कहा अब इस बारे में कहा है कि एक व्यक्ति दोष साबित होने तक निर्दोष है। आमिर खान ने कहा है कि जब हम फिल्म कर रहे थे तो हमें नहीं पता था कि सुभाष कपूर के खिलाफ एक मामला चल रहा है, यह पांच या छह साल पुराना था। सुभाष कपूर के बारे में आमिर ने जिक्र किया "यह बात वास्तव में हमें परेशान कर रही थी कि हमारे इनकार से अनजाने में एक व्यक्ति को परेशानी में है, और अपना रोजगार खोने की कगार पर है। अगर वह निर्दोष हुए तो क्या होगा? हम इस बात से भी बहुत परेशान थे। कानून किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष मानता है जब तक कि वह दोषी साबित न हो जाए। लेकिन जब तक अदालत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं, तब तक क्या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाना चाहिए? क्या ऐसे लोगों को सिर्फ घर पर बैठना चाहिए ? क्या वे खुद के लिए नहीं कमा सकते?''

बता दें कि इसी साल आमिर को IFTDA से एक पत्र मिला था। IFTDA एक निर्देशक संघ है। उस पत्र में लिखा गया था कि सुभाष कपूर का मामला पक्षपातपूर्ण है और आमिर को उनके मामले पर फैसला करने के लिए अदालत का इंतजार करना चाहिए और ऐसे समय तक निर्देशक को अपनी कमाई का अधिकार नहीं खोना चाहिए। पत्र में लिखा गया कि सुभाष अभी दोषी साबित नहीं हुए है इसलिए कृपया ऐसा कुछ न करें जो उनके लिए नुकसानदेह साबित हो।

आमिर लगभग 10-12 महिलाओं से मिले और उनसे बात की जिन्होंने सुभाष के साथ काम किया था। आमिर ने बताया “हमने पाया सभी ने सुभाष की तारीफ ही की। उन्होंने कहा कि वह अपने सेट पर सभी का बहुत ध्यान रखते हैं। देखभाल करने वाले, संवेदनशील और सहायक हैं। किरण और मैं दोनों पूरी तरह से जानते हैं कि भले ही इन महिलाओं को मिस्टर कपूर के साथ काम करने का बहुत अच्छा अनुभव रहा होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी अन्य महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकते थे। हालांकि, मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि जिन महिलाओं ने उनके साथ काम किया था, उनके साथ इस बातचीत से हमें सुकून मिला था। सब कुछ ध्यान में रखते हुए, मैंने IFTDA को वापस एक पत्र लिखा कि मैंने अपने निर्णय पर पुनर्विचार किया है, और मैं फिल्म करूंगा।”

Posted By: Sudeep mishra

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