निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' ने टिकट खिड़की पर चार हफ्ते पूरे कर लिए हैं। यह वाकई बड़ी बात है क्योंरि सामने 'कलंक' और 'एवेंजर्स एंडगेम' जैसी फिल्में थीं। इनके बावजूद यह अपनी क्षमता से ज्यादा ही कमाती रही। पहले हफ्ते की कमाई के मुकाबले दूसरे और तीसरे सप्ताह की कमाई ज्यादा भी रही। अब चौथे हफ्ते का रिजल्ट सामने है। इस बीते हफ्ते में इसने 2.86 करोड़ रुपए कमाए है। कुल कमाई 14.35 करोड़ रुपए है।

बेहद धीमी गति से यह फिल्म टिकट खिड़की पर कमाती रही। इसकी लागत लगभग बाहर आ चुकी है। सिर्फ तारीफों के दम पर इसने इतनी कमाया है। केवल 250 स्क्रीन्स की कमाई है यह। जाहिर है इसके शो, लगभग फुल ही चले हैं। पहले हफ्ते में इस फिल्म ने केवल 3.50 करोड़ रुपए कमाए थे। दूसरे हफ्ते की आवक 4.22 करोड़ रुपए रही। तीसरे सप्ताह की कमाई 3.77 करोड़ थी। 'एवेंजर्स एंडगेम' के आगे यही फिल्म है जो अपनी क्षमता से टिकी रही।

ट्रेलर रिलीज होते ही यह चर्चा में थी। यह फिल्म देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत पर सवाल खड़े करती है। फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत ही इस सवाल से होती है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए ताशकंद जाते हैं और वहां उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो जाती है। ट्रेलर में मिथुन चक्रवर्ती का किरदार कहता नजर आता हैं, 'शास्त्री मरे या मार दिए गए, ये इस देश के मुंह पर ऐसी कालिख है, जिसे मिटाने की 50 साल में किसी सरकार ने कोशिश नहीं की।' इसमें नसीरुद्दीन शाह, मिथुन चक्रवर्ती, श्वेता बसु, पंकज त्रिपाठी, विनय पाठक, मंदिरा बेदी, पल्लवी जोशी, अंकुर राठी और प्रकाश बेलावाड़ी मुख्य किरदारों में हैं। फिल्म 12 अप्रैल को रिलीज हुई थी, इसे लगे महीनाभर होने वाला है।

1966 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान अमेरिका और रूस ने दखल देते हुए समझौते के लिए शास्त्रीजी को उज्बेकिस्तान के ताशकंद शहर बुलाया था। 11 जनवरी को युद्ध विराम के इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घंटे बाद ही शास्त्रीजी का वहीं निधन हो गया था। कई ने इसे हार्ट अटैक बताया तो कई ने इसे मर्डर माना। पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था तो मौत का रहस्य बरकरार था।

Posted By: Sudeep mishra