मुंबई। लंबे वक्त से बीमार चल रहे बॉलिवुड के मशहूर अभिनेता कादर खान के निधन की खबरों को उनके बेटे ने खारिज किया है। कादर खान के बेटे सरफराज ने बताया कि, उनके पिता का कनाडा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके निधन की खबरें गलत हैं और ये केवल अफवाहें ही है। कादर खान के बेटे का यह बयान खान के फैन्स के लिए एक बड़ी राहत है।

आल इंडिया रेडियो ने दी निधन की खबर

अभिनेता कादर खान की मौत की खबर सोशल मीडिया पर चल रही थी। ऑल इंडिया रेडियो के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी उनकी मृत्यु की खबर ट्वीट की गई थी। एआईआर के ट्वीट के बाद कई मीडिया पोर्टल्स ने कादर खान की मौत की खबर चला दी। हालांकि, उनके बेटे ने इन खबरों को अफवाह बताया।

अमिताभ बच्चन ने किया ट्वीट

बता दें कि, कादर खान काफी समय से बीमार चल रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कादर खान को सांस लेने में समस्या थी और इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। कादर खान की तबीयत खराब को लेकर चल रही खबरों के बाद बॉलिवुड सिलेब्रिटीज भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआएं करने लगे हैं। कादर खान की सेहत को लेकर चिंतित अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया, 'कादर खान, बेहद प्रतिभाशाली ऐक्टर और राइटर अस्पताल में हैं। उनकी सेहत के लिए दुआ करता हूं।'

यहां से की करियर की शुरुआत

कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में हुआ। उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी।

इन फिल्मों के लिखे संवाद

कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर 'धर्म वीर', 'गंगा जमुना सरस्वती', 'कुली' 'देश प्रेमी', 'सुहाग', 'अमर अकबर एंथनी' और मेहरा के साथ 'ज्वालामुखी', 'शराबी', 'लावारिस' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्में लिखी। खान ने 'कुली नंबर 1', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'कर्मा', 'सल्तनत' जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे थे।

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