निर्देशक विशाल भारद्वाज ने मुंबई में अपनी फिल्म पटाखा के इवेंट के दौरान बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के कुछ बड़े कलाकारों के साथ काम करते समय उन्हें लगता था मानों उनकी गुलामी कर रहे हैं।

विशाल भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। नये कलाकारों के साथ काम करते समय उन्हें ऊर्जा मिलती है। यह लोग एक अलग प्रकार की ऊर्जा के साथ आते हैं, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

कुछ कलाकार काम में और सेट पर इतना भाव रखते थे कि विशाल को उनके साथ शूट करते समय डर लगता था। एक बार वे अपने दोस्त मणिरत्नम से बात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि बड़े कलाकारों के साथ काम करने के बजाय छोटे कलाकारों के साथ काम करने पर ऐसा लगता है मानो आपको किसी गुलामी से स्वतंत्रता मिली है। विशाल कहते हैं ''मैं उनकी बात से सहमत हूं। उनकी बात सुनकर मुझे मेरे शुरुआती दिन याद आ गए। उस समय मुझे सेट पर जाने की जल्दी रहती थी। मुझे बड़ा मजा आता था।''

विशाल भारद्वाज की फिल्म 'पटाखा' चरण सिंह पथिक की लघुकथा 'दो बहनें' पर आधारित है। पटाखा की कहानी दो बहनों के ईद-गिर्द है। विशाल भारद्वाज ने अब तक अपनी कई फिल्मों में हीरो को विलेन से लड़ाया है, रिश्तों का उलझाव भी दिखाया है लेकिन इस बार वो उन दो बहनों की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो एक दूसरे से दो-दो हाथ करने से कभी नहीं चूकतीं। दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाती हैं। एक-दूसरे से बेइंतहा नफरत करती हैं। हद तो जब होती है, जब दोनों की शादी भी एक ही परिवार में दो भाइयों से हो जाती है। फिल्म के ट्रेलर में इसकी झलक साफ तौर पर देखी जा सकती है। फिल्म में अहम किरदार सुनील ग्रोवर का भी है जो समय-समय पर हर किरदार के साथ नजर आते हैं।

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