Chhichhore Movie Review : नितेश तिवारी की 'छिछोरे' एक हसीन दौर की बात करती है। हॉस्टल की ज़िंदगी, कॉलेज के दिन, दोस्तों के साथ गपशप, साथ जीने-मरने की कसमें, कैंपस की शरारतें, प्यार मोहब्बत... यह सारी बातें कोई भी इंसान कभी भूल ही नहीं सकता है। इसीलिए बॉलीवुड में कॉलेज लाइफ पर आधारित कई सारी फ़िल्में बन चुकी हैं। शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना और मीना कुमारी स्टारर 'मेरे अपने' से लगाकर करण जौहर की 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' तक यह परंपरा लगातार जारी है।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए निर्देशक नितेश तिवारी की फ़िल्म छिछोरे दर्शकों के सामने आ गई है। यह अन्नी, माया, सेक्सा, एसिड, बेवड़ा और मम्मी जैसे दोस्तों की कहानी है। ये सारे ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते हैं, इनके आपसी रिश्ते, जज्बात प्रतिस्पर्धा और हार-जीत पर यह कहानी आगे बढ़ती है।

निर्देशक ने व्यावसायिक परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों पर किस तरह का बोझ और मानसिक तनाव काम करता है, इसे बेहद खूबसूरती के साथ कहानी में पिरोया है। इस फ़िल्म में वह सब कुछ है, जो आप देखना चाहते हैं। दोस्त है, मस्ती है, प्यार-मोहब्बत है, ज़िंदगी है और साथ ही है ज़िंदगी की जवाबदारी भी।

'दंगल' जैसी सफल फ़िल्म देने वाले नितेश तिवारी एक बार फिर 100% सफल रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया सही मायने में कहानी से बड़ा सुपरस्टार कोई नहीं होता। अभिनय की बात करें तो सुशांत सिंह राजपूत, श्रद्धा कपूर, वरुण शर्मा, तुषार पांडे, नवीन पॉलिशेट्टी, ताहिर भसीन, सहर्ष कुमार और प्रतीक बब्बर सभी ने शानदार परफॉर्मेंस दी है।

कुल मिलाकर अगर आप अपनी सुनहरी यादों में खो जाना चाहते हैं, अपने दोस्तों को याद करना चाहते हैं, कॉलेज केंपस और उसके बाद की ज़िंदगी को समझना चाहते हैं। साथ-साथ भरपूर मनोरंजन भी चाहते हैं तो आपको छिछोरे ज़रूर देखनी चाहिए। मनोरंजन की पूरी गारंटी है।

- पराग छापेकर

निर्माता- साजिद नाडियाडवाला

स्टार्स- 4

Posted By: Sudeep mishra