Jawaani Jaaneman Review : हिन्दी फिल्मों में बाप-बेटी का रिश्ता कई दफा दिखाया गया है लेकिन इसे हमेशा ही सूरती और संजीदा ढंग से फिल्माया गया। बाप-बेटी के खूबसूरत रिश्ते पर दुनियाभर में बनी फिल्में लगभग हर तरीके से बनी हैं, मगर इस हफ्ते आई 'जवानी जानेमन' का अंदाज सबसे जुदा है, जो पहली कभी भारतीय सिनेमा में नजर नहीं आया। पूरा किस्सा है लंदन रहने वाले जस्सी यानी जैज़(सैफ अली खान)का। जस्सी की जिंदगी में सिर्फ और सिर्फ अय्याशी है। रातभर पार्टी करना, फिर उसी पार्टी में से किसी लड़की को घर ले आना उसका नियम बन चुका है। उम्र उसकी काफी ज्यादा है लेकिन शादी नहीं हुई है क्योंकि वो जिम्मेदारी से बचना चाहता है।

एक दिन उसकी जिंदगी में टीया आती है जो कहती है कि शायद वह उसका पिता है। टीया उसे डीएनए टेस्ट कराने की सलाह देती है, जिस के लिए जैज़ बड़ी मुश्किल से मान जाता है। डीएनए रिपोर्ट में वही पिया का पापा साबित होता है। फिर क्या होता है इसे देखने के लिए 'जवानी जानेमन' को देखना होगा।

नितिन कक्कड़ इसके निर्देशक है। नितिन ने इस कहानी को बढ़िया ढंग से पेश किया है। कहानी को ज्यादा इमोशनल करने के बजाए उसे हल्के अंदाज में ही सुनाया गया है। हर सीन पर उन्होंने खासी मेहनत की है।

एक्टिंग की बात करें तो सैफ अली खान ने एक बार फिर खुद के प्रयोग किया है और इस बार उनके हाथ काफी रोचक किरदार लगा है। अच्छा यह है कि सैफ हर तरह के रोल में पूरी तरह घुल जाते हैं। 'टीया' को रोल किया है अलाया एफ ने, जिनती यह पहली फिल्म है। इस रोल में अलाया पूरी तरह फिट हैं और कहीं से नहीं लगता कि यह उनकी पहली फिल्म है। भविष्य में अलाया से काफी उम्मीद रहेगी।

इस फिल्म में चंकी पांडे, कुमुद मिश्रा, फरीदा जलाल भी नजर आएंगे। एक छोटे-से रोल में तब्बू भी हैं। यह फिल्म आज के दौर की है और खूब मजेदार है। इमोशनल यह करेगी लेकिन काफी अलग अंदाज में, एक बार अनुभव करना बनता है।

Posted By: Sudeep mishra

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