करण जौहर की फिल्म Student Of The Year की सफलता के बाद Student Of The Year 2 का बेसब्री से इंतजार था। जिस तरह से फ़िल्म को मार्केट किया गया, उससे दर्शकों के बीच उत्सुकता तो बनी ही हुई थी। निश्चित रूप से ये एक हिट फिल्म तो है ही, क्योंकि धर्मा की मार्केटिंग बहुत अच्छी है। फ़िल्म की पैकेजिंग बहुत अच्छी तरह की गयी है। फ़िल्म में ग्लॉस है, स्टूडेंट ऑफ द ईयर की ही तरह इसमें भी रंग-बिरंगे कपड़े हैं।

कर्व्स हैं, मसल्स वाले बहुत सारे लड़के हैं। मिनी स्कर्ट्स पहने सुंदर-सुंदर लड़कियां हैं। इन सबको बहुत ही सुंदर बैकड्राप में गाने गाना है, रेस लगाना है और कबड्डी खेलना है। कभी-कभी फाइटिंग भी करना है और थोड़ी बहुत एक्टिंग भी करनी है। जो जीता वो सिकंदर को तोड़ मरोड़कर बनाई इस फ़िल्म में डायरेक्टर पुनीत मल्होत्रा ने फ़िल्म के लेखक अरशद को पूरी तरह से आश्वस्त किया था कि ज्यादा मेहनत मत करो मैं आर्ट डिपार्टमेंट, कॉस्ट्यूम डिपार्टमेंट, कैमरा और एडिटिंग पर बहुत काम कर रहा हूं। तुम मुझे बेसिक स्क्रिप्ट दे दो बस।

स्क्रिप्ट मिली और फ़िल्म शुरू हो गयी। एक गरीब पिशोरी कॉलेज में पढ़ने वाला लड़का रोहन (टाइगर श्रॉफ) अपनी बचपन की गर्लफ्रैंड के पीछे रईसों के टेरेसा कॉलेज चला जाता है, जहां से उसे बेइज्जत करके निकाल दिया जाता है। अन्तर कॉलेज कॉम्पटिशन जीतकर वह अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेता है।

अभिनय की बात करें तो पुनीत ने सब को कम से कम एक्टिंग करने की सलाह दी थी, जो सबने मानी है। यूट्यूब के सेंसेशन हर्ष बेनिवाल का डेब्यू अच्छा रहा। अनन्या पांडेय से आगे बहुत उम्मीद की जा सकती है। तारा सुतारिया बहुत ही खूबसूरत हैं। वो आगे भी कई फिल्मों की शोभा बढ़ा सकती हैं। टाइगर अपने किरदार में फिट नज़र आये। फ़िल्म का आकर्षण बढ़ाने के लिए विल स्मिथ जैसे मेगा स्टार को क्यों जोड़ा गया। उन्होंने फ़िल्म में क्या किया, समझ नही आया ।

आलिया एक आखिरी गाने में आकर गुरु दक्षिणा चुकाती नज़र आती हैं। लंबे समय बाद नीलम कोठारी को पर्दे पर देखकर अच्छा लगा। कुल मिला कर स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 एक सफल फ़िल्म तो है। मगर एक सतही मनोरंजन के अलावा फिल्म से कुछ भी उम्मीद करना बेमानी है।

- पराग छापेकर