Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah । 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' फेम नट्टू काका बीते दिनों इस दुनिया में नहीं रहे। नट्टू काका की कैंसर के कारण मौत हो गई। नट्टू काका के निधन की खबर पर मनोरंजन उद्योग और उनके फैंस को बहुत दुख हुआ और घनश्याम नायक ने 1 साल कैंसर से लड़ाई लड़ी। इस दौरान थोड़ा ठीक होने पर वे काम पर भी लौटे थे, लेकिन आखिरी वक्त में ऐसी हालत हो गई थी कि वे खुद का नाम भी भूल गए थे।

घनश्याम नायक के बेटे विकास ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि उनके 9 बार कीमोथैरेपी सेशंस हुए थे। इसके अलावा 30 रेडिएशन सेशंस भी हुए थे। ऐसा लग रहा था कि कंट्रोल हो रहा है और अब ठीक हो गए हैं लेकिन मार्च 2021 में उनके चेहरे पर सूजन हो गई और तब लगा था कि शायद रेडिएशन के चलते ऐसा हो रहा है, लेकिन टेस्ट में पता चला कि कैंसर उनके लंग्स में फैल गया था।

नट्टू काका ने शूटिंग पर की थी वापसी

अप्रैल 2021 में फिर से कीमोथेरेपी शुरू हुई तभी 4 सेशन 2021 में हुए। ये जून तक चले लेकिन सूजन कम नहीं हुई। विकास ने बताया कि उनके पिता काम की जिद करके “तारक मेहता की शूटिंग’ के लिए गए और इस दौरान उन्होंने एक विज्ञापन का भी शूट किया था। लेकिन इसके बाद फिर से टेस्ट करवाया तो पता चला कि कैंसर दूसरे बॉडी पार्ट्स तक फैल चुका है।

बातचीत के दौरान बेटे विकास ने खुलासा कि 2 अक्टूबर को पिता ने बुलाकर पूछा, मैं कौन हूं? वह अपना नाम भी भूल गए थे। तब मुझे एहसास हो गया कि वह दूसरी दुनिया में जाने लगे हैं। उनके गुजरने के बाद हमने प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट बुलाया और उनका मेकअप करवाया। जब उनकी नब्ज रुकी तो चेहरे पर असीम शांति थी। मेरे पिता दूसरी दुनिया में जा चुके थे।

बबीता जी ने ट्रोलर्स को दिया जवाब, मेरा कोई अफेयर नहीं

इसके अलावा टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो से जुड़ी एक और सनसनीखेज खबर है। अभिनेत्री मुनमुन दत्ता को 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो में बबीता अय्यर के लिए जाना जाता है। इसके अलावा उनकी पहचान एक मुखर अभिनेत्री के रूप में भी है। हाल ही में अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने राज अनादकट के साथ अपनी डेटिंग की खबरों को खंडन किया और साथ ही ऐसी खबर फैलाने वाले ट्रोलर्स की खूब खिंचाई भी की।

मुनमुन दत्ता ने यौन शोषण का किया था खुलासा

इससे पहले साल 2017 में मुनमुन ने ये खुलासा करके सभी को चौंका दिया था कि उसके चाचा, शिक्षक और चचेरे भाई ने उसका यौन शोषण किया था। मुनमुन ने इस संबंध में एक नोट भी लिखा था। इस नोट में मुनमुन ने लिखा था कि 'कुछ इस तरह लिखते वक्त उन बातों को याद करके आंसू आ जाते हैं, जब पड़ोस के चाचा और उनकी चुभती निगाहों से डर लगता था, जो मौका मिलने पर मुझे पकड़कर धमकाते थे कि मैं किसी को कुछ नहीं बताऊं। बड़े चचेरे भाई जो मुझे अलग तरह से देखते थे या वह आदमी जिसने मुझे अस्पताल में जन्म के समय देखा था और 13 साल बाद मेरे शरीर को छूना ठीक समझ रहा था क्योंकि मैं एक बढ़ती हुई किशोरी थी और मेरा शरीर बदल गया था। मेरे ट्यूशन टीचर जिसका हाथ मेरे अंडरगारमेंट में था। इसके अलावा मुनमुन दत्ता ने लिखा था कि एक और टीचर था, जिसे मैंने राखी बांधी थी, वो क्लास में छात्राओं की ब्रा की पट्टियां खींचकर उन्हें डांटता था।

इस नोट में मुनमुन ने आगे लिखा है कि 'क्यों? क्योंकि आप बहुत छोटे हैं और बोलने से डरते हैं। यह इतना डरावना है कि आपको पेट में मरोड़ जैसा महसूस हो सकता है और आपका गला घुट सकता है। आप अपने माता-पिता को यह सब कैसे समझाएंगे या आप किसी से एक शब्द भी कहने में शर्माते हैं। ऐसे में पुरुषों के प्रति गहरी घृणा पैदा करने लगते हैं, क्योंकि आप जानते हैं कि वे अपराधी हैं, जिन्होंने आपको ऐसा घृणित महसूस कराया। मुझे खुशी है कि इस आंदोलन में एक और आवाज जुड़ गई है और लोगों को यह एहसास कराती है कि मुझे भी नहीं बख्शा गया। लेकिन मुनमुन कहती है कि मैं बहुत छोटी थी तब ये सब हुआ लेकिन आज यदि कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो मैं उसे फाड़ दूंगा। मैं आज जो भी हूं, उस पर मुझे गर्व है।

Posted By: Sandeep Chourey