अहमदाबाद। चिकित्सा के क्षेत्र में अजीबो-गरीब घटनाएं होती रहती हैं। एशिया के सबसे बड़े अहमदाबाद सिविल अस्पताल में विश्व का 31वां और देश का दूसरा ऐसा दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें दो गुप्तांग के साथ जन्मे तीन महीने के शिशु का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. जयश्री रामजी, एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. नीलेश सोलंकी व जान्हवी शाह ने किया।

जामनगर के जामखंभालिया निवासी सचिन भाई (नाम परिवर्तित) की पत्नी ने तीन महीने पहले दो लड़कियों के बाद पुत्र को जन्म दिया था। बेटे का जन्म होने से परिवार में खुशी का माहौल था, वहीं डॉक्टरों को आश्चर्य था कि नवजात दो लिंग के साथ पैदा हुआ है। साथ ही आसपास चर्बी की गांठ भी है।

डॉक्टरों ने परिजनों को शिशु के इलाज के लिए जामनगर सिविल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जामनगर सिविल अस्पताल में विभिन्न जांचों के बाद शिशु को सर्जरी के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां शिशु को पीडियाट्रिक विभाग में भर्ती कराया गया।

पीडियाट्रिक विभाग के सीनियर डॉ. जयश्री रामजी ने शिशु के तमाम जांच की। रिपोर्ट आने के बाद शिशु के गुप्तांग का ऑपरेशन करने का तय किया गया। शिशु तीन महीने का होने से एनेस्थेसिया देने में भी विशेष ध्यान देने की जरूरत थी। इसलिए एनेस्थेसिया के डॉ. नीलेश सोलंकी और जान्हवी शाह की लगातार देखरेख में शिशु को एनेस्थेसिया दिया गया।

इसके बाद पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. जयश्री रामजी और उनकी टीम ने 11 जुलाई को करीब ढाई घंटे में शिशु का सफल ऑपरेशन किया।

गुजरात में यह पहला मामला है। सिविल अस्पताल में पहली बार इस प्रकार का ऑपरेशन किया गया है। डॉ. जयश्री रामजी ने बताया कि मां के 7 से 8 सप्ताह के गर्भ में किसी कारण से नजवात के अंग अलग हो जाते हैं। इस कारण इस प्रकार की समस्या होती है। शरीर के अंग से अलग हुआ हिस्सा अन्य अंगों से जुड़ जाता है जिससे कई बार तीन पैर, दो हाथ के साथ भी जन्म होता है।

Posted By: Arvind Dubey

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