नईदुनिया ब्यूरो, सूरत। पिछले एक साल से गुजरात में आरक्षण को लेकर भाजपा और गुजरात सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलनेवाले पाटीदारों के गढ़ में गुरुवार की शाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सूरत में पाटीदारों को संबोधित करने पहुंच रहे हैं। शाह की मौजूदगी में गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री तथा गुजरात सरकार में पाटीदार समाज के कई मंत्री-विधायक और नेता मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर जहां सूरत के पाटीदार नेता जोर-शोर से तैयारी में जुटे हैं, वही हार्दिक पटेल की अगुवाई वाली आरक्षण समिति के लोग इसके विरोध में हैं। ऐसे में यह सभा भाजपा के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

गुजरात भर के पाटीदार समाज के विधायको और मंत्रियों का होगा सम्मान

सूरत के अब्रामा गांव में बना विशालकाय पंडाल गुजरात की राजनीती का इतिहास बदलने जा रहा है। पिछले एक साल से गुजरात में आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलनेवाले हार्दिक पटेल और पाटीदार आरक्षण समिति के विरोध के बीच गुरुवार की शाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां होनेवाली सभा में गरजेंगे।

इस मौके पर उनके साथ मंच पर गुजरात के नए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के साथ पाटीदार समुदाय से जुड़े उनके कई मंत्री-विधायक और नेता मौजूद होंगे। दरअसल सूरत के कई भाजपा समर्थित पाटीदार उद्योगपतियों द्वारा पाटीदार राजनेताओं का अभिवादन समारोह का आयोजन किया गया है जिसमें नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जितुभाई वघाणी, मोदी सरकार में एमओएस मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, मनसुख मांडविया सहित गुजरात सरकार में पाटीदार समाज के केबिनेट मिनिस्टर व 44 विधायकों का सम्मान किया जाएगा। इस समारोह की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कर रहे हैं।

दो गुटो में बंटा पाटीदार समाज

एक तरफ जहां पाटीदार समाज हार्दिक पटेल की अगुवाई में पटेलों को आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा के खिलाफ हैं वही पाटीदार अग्रणियों द्वारा पाटीदार नेताओं का सम्मान समारोह कर पाटीदारों को वापस भाजपा की तरफ लाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में पाटीदार समाज इस कार्यक्रम को लेकर दो भागों में बंट चुका है । पाटीदार उद्योगपति जहां इस समारोह का मकसद अगले वर्ष होनेवाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से नाराज पाटीदारों को पक्ष की तरफ लाने का प्रयास किया जाना है जबकि पाटीदार आरक्षण समिति द्वारा इस कार्यक्रम का विरोध करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। गुजरात पाटीदार आरक्षण समिति के कन्वीनर वरुण पटेल जहां इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए अमित शाह को जनरल डायर बता रहे हैं। वही आयोजक महेश सवानी पाटीदार समाज भाजपा के साथ होने की बात कर रहे हैं। आयोजकों का दावा है कि पाटीदार समाज के नेताओं के अभिवादन समारोह में करीबन एक लाख से ज्यादा पाटीदारों की उपस्थिति दर्ज होगी। लिहाजा तैयारी भी उसी तर्ज पर हो रही है।

सम्मेलन को लेकर पुलिस को देनी होगी अग्निपरीक्षा

उधर, पाटीदार आरक्षण समिति द्वारा कार्यक्रम का विरोध करने की बात को लेकर सूरत पुलिस के लिए इस कार्यक्रम को शांतिपूर्वक संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती बन गई है। सूरत शहर और जिला पुलिस की तरफ से आयोजन स्थल पर चुस्त सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिहर्सल शुरू हो गयी है। सुरक्षा के लिहाज से तकनिकी साधनो के अलावा बड़े पैमाने पर पुलिस बल और रिजर्व बल बुलाया गया है। पुलिस का दावा है कि वो सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोई चूक नहीं होगी। खैर, पाटीदार आरक्षण समिति का विरोध और भाजपा समर्थित पाटीदार उद्योगपतियों द्वारा पाटीदारों को भाजपा के पक्ष में लाने के लिए आयोजित पाटीदार नेताओं के अभिवादन समारोह गुजरात की राजनीती में कौन सी करवट ले आएगा यह तो कार्यक्रम की सफलता ही तय करेगी। लेकिन, समर्थन और विरोध की यह लड़ाई पाटीदार समाज की राजनैतिक और सामाजिक लिहाज से महत्वपूर्ण बन गई है।

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