अहमदाबाद। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि धारा 370 हटाने के ऐतिहासिक निर्णय से लौहपुरुष सरदार पटेल का सपना साकार हुआ। जनसंघ के संस्‍थापक श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी ने भी एक देश में दो निशान, दो विधान व दो प्रधान का ि‍वरोध किया था। संविधान निर्माता डा अंबेडकर भी इसके समर्थन में नहीं थे।

केंद्रीय जहाजरानी व रसायन राज्‍यमंत्री [स्‍वतंत्र प्रभार ] मांडविया ने अहमदाबाद में पत्रकार वार्ता के दौरान, धारा 370 हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि उन्‍होंने अखंड भारत के सरदार साहब के सपने को पूरा कर दिखाया है। देश के आजाद होने के बाद कांग्रेस सरकार ने 17 नवंबर 1956 को शेख अबदुल्‍ला के धारा 370 के प्रस्‍ताव को बिना चर्चा लागू कर दिया था।

संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर व जनसंघ संस्‍थापक श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी दोनों इसके पक्ष में नहीं थे। वे इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ मानते थे।

कश्‍मीर में भारत विरोधी नारे लगाने व तिरंगा जलाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती थी। भाजपा सरकार ने पूर्वप्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की भूल को सुधारने के साथ भारत की एकता व अखंडता को अक्षुण्‍ण्‍ बनाने का काम किया है।

Posted By: Navodit Saktawat