अहमदाबाद (ब्यूरो)। यौन शोषण मामले में फंसे कथावाचक आसाराम व उनके पुत्र नारायण साईं को अहमदाबाद आश्रम में दो बच्चों की संदिग्ध मौत मामले में जांच आयोग ने क्लीन चिट दे दी है। आयोग ने अगस्त में सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी जिसके लीक होने पर रिपोर्ट का खुलासा हुआ है। पीड़ित पक्ष व कांग्रेस लंबे समय से रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने की मांग कर रही थी।

दीपेश और अभिषेक की मौत के मामले की न्यायिक जांच के लिए गठित जस्टिस डीके त्रिवेदी आयोग ने 1 अगस्त 2013 को राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। जांच के दौरान आसाराम व नारायण साईं ने 15 बार समन भेजे जाने के बाद आसाराम ने आयोग के समक्ष हाजिर होकर बयान दर्ज कराए। रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। गुरुवार को रिपोर्ट का कुछ हिस्सा मीडिया में लीक हुआ जिसमें खुलासा हुआ है कि आयोग ने बच्चों की मौत के मामले में आसाराम व नारायण साईं को क्लीन चिट दे दी है।

हालांकि अभी तक किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट में मोटेरा आश्रम में किसी प्रकार की तांत्रिक विद्या होने से इंकार करते हुए कहा है कि बच्चों की मौत साबरमती नदी में डूबने से हुई है। जानवर शवों को खा गए इसलिए शव क्षत-विक्षत हो गए। रिपोर्ट में बच्चों के लापता होने के बाद साधकों के तलाशी अभियान की प्रशंसा भी की गई है।

ये था मामला

मोटेरा आश्रम अहमदाबाद के पास बने गुरुकुल में रहने वाले 10 वर्षीय दीपेश व 11 वर्षीय अभिषेक 3 जुलाई 2008 को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। दो दिन बाद 5 जुलाई को साबरमती नदी किनारे उनके क्षत -विक्षत शव मिले। पुलिस जांच से पीड़ितों के नाखुश होने के बाद जांच सीआईडी क्राइम को सौंपी गई लेकिन पीड़ित पक्ष ने सीआईडी क्राइम के जांच के तरीकों पर भी कई सवाल उठाए हैं।

Posted By:

  • Font Size
  • Close