अहमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या में राममंदिर बनाने का एतिहासिक फैसला दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले का स्वागत किया है। विहिप ने इस मंदिर को शिल्प शास्त्र के हिसाब से बनाने का निर्णय किया है। विहिप जो मंदिर बनाने वाली है उसका नक्शा देश के प्रमुख मंदिर निर्माण करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने बनाया है। जिन चंद्रकांत का हम जिक्र कर रहे हैं उन्होंने लंदन में में स्थित अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर का नक्शा भी बनाया था। इस मंदिर को गिनिज आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

चंद्रकांत सोमपुरा का पूरा परिवार ही मंदिरो के निर्माण से जुड़ा रहा है। उनका परिवार गांधीनगर , सिंगापुर, पिट्सबर्ग और अमेरिका में अक्षरधाम मंदिरों के निर्माण में शामिल रहा है।

चंद्रकांत सोमपुरा गुजरात के पालिताणा शहर के रहने वाले है। चंद्रकांत के दादा प्रभाशंकर गुजरात के मशहूर सोमनाथ मंदिर के वास्तुकार थे। उनके पिता उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर के मरम्मत का कार्य किया था। चंद्रकांत सोमपुरा भी 17 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ मंदिर मरम्मत के काम में जुड़ गए थे। हालांकि, उनके पिता की अलकनंदा में डूबने मौत हो गई थी। जिसके बाद चंद्रकांत ने अपने दादा प्रभाशंकर सोमपुरा वास्तुकला सीखी। चंद्रकांत सोमपुरा को 1997 में सर्वश्रेष्ठ आर्किटेक्ट घोषित किया गया था।

चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया ऐसा नक्शा

चंद्रकांत सोमपुरा के नक्शे मुताबिक राममंदिर दो मंजिला होगा, मंदिर की लंबाई 270 मीटर, चोड़ाई 140 मीटर और ऊंचाई 125 मीटर होगी मंदिर के भीतर जाने के लिए पांच दरवाजे होंगे, सिंह द्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कोली, गंर्भगगृह और परिक्रमा, मंदिरा का आकार 2.75 लाख घन मीटर होगा, इसे बनाने में स्टील का इस्तमाल नहीं किया जायेगा।

भगवान राम की प्रतिमा नीचे वाले तल पर रहेगी, ऊपर वाली मंजिल पर राम दरबार बनेगा, दोनों ही गर्भ गृह होगा, मंदिर बनाने के लिए पत्थर राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से आएंगे, फर्श बनाने के लिए संगमरमर का उपयोग किया जायेगा, मंदिर में 221 पिलर होंगे और इसमें 330 बीम, 106 और 106 नीचे मंजिल पर होंगे। मंदिर में दो घूमत होंगे और एक घूमत ढकी होगी, मंदिर में कुल 24 दरवाजे होंगे।

Posted By: Ajay Barve