देश के किसी भी हिस्से में मौजूद प्रसिद्ध तीर्थस्थल के आसपास आम तौर पर भीख मांगने वाले कई लोग मिल जाते हैं। कई बार इन लोगों की वजह से दर्शन करने आए श्रध्दालुओं को परेशानी भी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए अब गुजरात सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए राज्य में मौजूद यात्रा धामों में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के इस आदेश का उल्लंघन करने वाले को सीधा जेल भेज दिया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी हैं। वैसे तो राज्य में 1960 में स्थापना काल से ही भिक्षा वृत्ति पर प्रतिबंध लगा हुआ था लेकिन इस पर अब तक सख्ती से अमल नहीं हो रहा था।

अधिसूचना में यह हैं निर्देश

सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य के दतात्रेय, गिरनार सहित अन्य तीर्थस्थल जिसमें जूनागढ़, महानगरपालिका, खेड़ा जिला के डाकोर नगरपालिका, मातृगया, सिद्धपुर पालिका, शेत्रुंज्य तीर्थ पालीताणा नगरपालिका तथा पावागढ़ की चांपानेर ग्रामपंचायत, बहुचराजी ग्रामपंचायत, शामलाजी ग्रामपंचायत में भिक्षा प्रवृत्ति प्रतिबंध अधिनियम 1959 का पूर्णत: अमल किया जायेगा। इसी को लेकर यह अधिसूचना जारी की गई है।

राज्यपत्र में जारी होने के बाद 10 जनवरी से इस पर अमल शुरू कर दिया जायेगा। अधिकारियों के मुताबिक भीख मांगना अपराध है। धार्मिक स्थलों पर दान की वजह से उसके आसपास भिखारियों की भीड़ रहती है, यही वजह कै कि यहां इस कानून का सख्त अमल किया जायेगा।

गौरतलब है कि देश के कई प्रसिद्ध तीर्थस्थलों और प्रसिद्ध मंदिरों में रोजाना हजारों भिखारियों को दान मिलता है। कई बार यह भिखारी श्रध्दालुओं की परेशानी का सबब भी बन जाते हैं।

Posted By: Neeraj Vyas

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