अहमदाबाद। ब्राजील की एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी एंब्रेयर पर भारत में डीआरडीओ को अपने ईएमबी-145 टोही विमान बेचने के लिए किसी दलाल की नियुक्ति मामले में रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने डीआरडीओ को तलब किया है। साथ ही कहा कि इसमें कोई आपराधिक मामला हुआ तो सीबीआई जांच कराई जाएगी।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑरर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) भारत में रक्षा क्षेत्र में शोध तथा हथियार खरीद में अहम भूमिका निभाता है। वर्ष 2008 में एंब्रेयर ने भारत को अपने टोही विमान बेचने के लिए किसी दलाल की नियुक्ति की थी जिसके जरिए सौदा कराने वालों को लाभ पहुंचाकर विमान बेचे जा सकें।

यूपीए सरकार के प्रथम कार्यकाल में डीआरडीओ में दलाल सक्रिय होने की खबर पर रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा कि उन्होंने डीआरडीओ से सोमवार तक इस पर रिपोर्ट मांगी है। अभी तक किसी दलाल की अफवाह है जिस पर वे सीधे कोई बयान देना नहीं चाहते। अगर इस मामले में केवल प्रक्रिया संबंधी खामी पाई गई तो रक्षा मंत्रालय ही आंतरिक जांच करेगा। लेकिन अगर यह आपराधिक मामला निकला तो इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से कराई जाएगी।

गौरतलब है कि ब्राजील की कंपनी एंब्रेयर की अमेरिका से एक सौदे पर बातचीत चल रही थी। लेकिन अमेरिका के न्याय विभाग ने 2010 में ही कंपनी को शंका के दायरे में पाते हुए इसकी जांच शुरू कर दी थी। इसी जांच के दौरान भारत में हुआ घोटाला भी उजागर हो गया।

लिहाजा, अब भारत में 2008 में 20.8 करोड़ डॉलर के तीन टोही विमान खरीदने में दलाली की बात सामने आई है। यह सौदा तीन टोही विमानों की खरीद के लिए ब्राजील की विमान कंपनी एंब्रेयर और भारतीय संस्था डीआरडीओ के बीच हुआ था।

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