अहमदाबाद। यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते जेल में बंद आसाराम के सात शिष्यों के खिलाफ आश्रम के दो बच्चों की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में स्थानीय अदालत ने सोमवार को आरोप तय कर दिए। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीएमएम) एसवी पारेख ने जिनके खिलाफ आरोप तय किए हैं, वे पंकज सक्सेना, योगेश भाटी, नील केतन उर्फ खेतान, विकास खेमा, उदय संघवी, अजय शाह और कौशिक वाणी हैं। सातों आरोपियों के खिलाफ आइपीसी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। सभी आरोपी बच्चों की मौत के समय आश्रम में विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी तय की है।

गौरतलब है कि आश्रम के पीछे साबरमती नदी के किनारे 5 जुलाई 2008 को दीपेश वाघला (10) व उनके चचेरे भाई अभिषेक वाघला (11) के शव मिले थे। बच्चे तीन जुलाई 2008 से लापता थे। बच्चों के अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि आसाराम और उनके पुत्र नारायण साईं की ओर से किया जाने वाला 'काला जादू' बच्चों की मौत का जिम्मेदार है।

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