अहमदाबाद। चुनाव पंचायत का हो या लोकसभा का, हर प्रत्यााशी जीतने के लिए ही मैदान में उतरता है। मगर डॉ. पद्मराजन एक ऐसा नाम है जो जीतने नहीं बल्कि चुनाव हारने के लिए ही नामांकन भरते हैं। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भारत के सबसे असफल उम्मीदवार के रूप में उनका नाम दर्ज है। इस बार फिर डॉ. पद्मराजन चुनाव लड़ रहे हैं। उनका 201वां चुनाव राहुल गांधी के खिलाफ है जो वायनाड के लिए होगा। गत लोकसभा चुनाव में डॉ. पद्मराजन पीएण मोदी के खिलाफ लड़े थे।

तमिलनाडु सेलम के मेत्तुनर नगर के होम्योपैथी डॉक्टर के रूप में रह रहे डॉ. पद्मराजन अब बिजनेस करते हैं और वर्ष 1988 से उन्हें चुनाव लड़ने का गजब शौक लगा है। वे अक्सर देश के बड़े और चर्चित नेताओं के विरुद्ध ही चुनाव लड़ते हैं। उनके नाम लगातार 200 चुनाव हारने का रिकार्ड है। इस शौक पर उनका 20 लाख रु खर्च हुआ है। गत चुनाव उन्होंने भाजपा नेता व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ा था।

नामांकन के बाद वे प्रचार या संपर्क के लिए नहीं जाते इसलिए दूसरा कोई खर्च नही होता। वे अब तक पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह, नरसिंह राव, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी , प्रतिभा पाटिल, के आर नारायणन, उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, जयललिता, हेमा मालिनी आदि के खिलाफ लड़ चुके हैं।

इस चुनाव में वे कांग्रेस अध्ययक्ष राहुल गांधी के खिलाफ केरल की वायनाड सीट से मैदान में हैं। 200वां चुनाव उन्होंलने तमिलनाडु की धर्मपुरी सीट से लड़ा था।