अहमदाबाद। गुजरात में छह सीट पर हो रहे उपचुनाव में एनसीपी के मैदान में आ जाने से सभी सीट पर त्रिकोणिय मुकाबला होगा। कांग्रेस ने एनसीपी के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया था। उधर भाजपा में टिकट के सबसे बडे दावेदार माने जा रहे पूर्व मंत्री शंकर भाई चौधरी को इस रेस से ही बाहर कर दिया। अहमदाबाद की अमराईवाडी, साबरकांठा की बायड, पाटण की राधनपुर, महीसागर की लूनावाडा, मेहसाणा की खेरालू, बनासकांठा की थराद विधानसभा सीट पर आगामी 21 अक्‍टूबर को उपचुनाव होंगे। भाजपा, कांग्रेस व एनसीपी ने छहों सीटों पर अपने अपने प्रत्‍याशी को मैदान में उतारा है जिससे मुकाबला काफी रोचक हो गया है। राधनपुर व बायड कांग्रेस की नाक की लडाई है, इन दोनों सीट पर पहले अल्‍पेश ठाकोर व धवलसिंह झाला ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन बाद में वे इस्‍तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस ने इन दोनों को इन्‍हीं सीट से उम्‍मीदवार बनाया है।

कांग्रेस इन दो सीट पर खास रणनीति पर काम कर रही है, राधनपुर सीट पर कांग्रेस ने रघु देसाई को मैदान में उताकर कर ठाकोर जाति के खिलाफ अन्‍य जातियोंको लामबद्ध करने का प्रयास किया है। उधर बायड में भी ठाकोर के खिलाफ पटेल को टिकट देकर मुकाबलेको रोचक बना दिया है। कांग्रेस खेरालूसीट पर ठाकोर के खिलाफ ठाकोर को मेदान में उतारा है।

पूर्व मंत्री शंकरभाई चौधरी का नाम भाजपा की ओर से टिकट के दावेदारों में सबसे ऊपर था। उनके राधनपुर व थराद से चुनाव लडने की संभावना थी लेकिन भाजपा ने सबको चौंकाते हुए उन्‍हें इस चुनावी रेस से ही बाहर रख दिया। माना जा रहा है कि उनको भाजपा संगठन में कोई अहम जिम्‍मेदारी दी जा सकती है, चौधरी पहले भी भाजपा अध्‍यक्ष की रेस में थे। भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष जीतूभाई वाघाणी से आलाकमान के नाराज होने की अटकलें है, ऐसे में चौधरी की लॉटरी लग सकती है।

राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुजरात अध्‍यक्ष शंकरसिंह वाघेला ने बतासा एनसीपी सभी 6 सीट पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस को गठबंधन में रुचि नहीं है इसलिए एनसीपी ने सभी सीटों पर प्रत्‍याशी उतारे हैं, वाघेला अपने उम्‍मीदवारों के प्रचार प्रसार के लिए भी मैदान में उतरेंगे। वाघेला के पुत्र महेंद्रसिंह के बायड से चुनाव लड़ने की चर्चाएं थी लेकिन ऐन मौके पर उन्‍होंने दावेदारी छोड़ दी।

Posted By: Navodit Saktawat