अहमदाबाद। भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता रमणभाई वोरा को सर्वसम्मति से गुजरात विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया है। वहीं, दलित समाज के आध्यात्मिक गुरु शंभू प्रसाद टूंडिया उपाध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष बनने से पहले रमणभाई वोरा ने दलित कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा परिसर में लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और जय भीम के नारे लगाए।

गुजरात विधानसभा के 20वें अध्यक्ष के लिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री रमणभाई वोरा के नाम का प्रस्ताव रखा। उनके प्रस्ताव का नेता विपक्ष शंकर सिंह वाघेला ने समर्थन किया। कहना गलत न होगा कि गुजरात में सरकार के खिलाफ दलितों के आंदोलन के बीच भाजपा ने वोरा को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर इस समाज की नाराजगी कम करने का प्रयास किया है। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद वोरा ने कहा, डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दलितों को उनके अधिकार दिलाए हैं। केवल शिक्षा से ही दलितों के जीवन में उजियारा हो सकता है।

वोरा ने आरक्षण का नाम लिए बिना कहा कि संविधान से बाहर कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का मूलमंत्र दिया है। इससे ही सर्वजन का हित होगा। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन के सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा, वह हर एक सदस्य की आवाज व अधिकार की रक्षा करेंगे।

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