सूरत। सूरत में राज्य के नए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के पोस्टर पर कालिख पोते जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री के फोटो वाले पोस्टर पर कालिख पोतने की जिम्मेदारी पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के कार्यकर्ताओ ने ली है।

इनका कहना है कि विजय रुपाणी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए पाटीदारो को ईबीसी यानि इकोनॉमिक बेकवर्ड क्लास का आरक्षण दिया था मगर उसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। ईबीसी प्रमाण पत्र बनवाने में पाटीदारो के लाखों रुपए खर्च हुए हैं। इसके जिम्मेदार राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ही हैं।

रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए सूरत महानगर पालिका द्वारा शहर के विविध इलाकों राखी के स्टॉल लगाए गए हैं। कुछ ऐसे ही स्टॉल पाटीदार बाहुल्य कहे जाने वाले सूरत के वराछा इलाके में भी लगाए हैं जहां राखियों की बिक्री की जा रही है। राखी बिक्री वाले इन स्टॉलों पर सूरत महानगर पालिका ने गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की तस्वीर वाले पोस्टर भी लगाए हैं। इन पोस्टरों में महिला सशक्तिकरण के फलस्वरूप रक्षाबंधन पर्व 'राखी मेला 2016' के अवसर पर सबका साथ सबका विकास का स्लोगन भी लिखा गया है।

वराछा इलाके के राखी स्टॉल पर लगे इन पोस्टर्स में सीएम के चेहरे पर कालिख पोतकर पाटीदार समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन करने वाली पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति सह कन्वीनर निखिल सवानी ने नए सीएम का विरोध किया है।

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