गांधीनगर। देश में जहां एक तरफ देश में मंदी की आहट को लेकर उद्योग जगत डरा हुआ है वहीं सरकार इससे निपटने के लिए कदम उठाने में लगी है। मंदी की इसी आहट को लेकर सत्ताधारी दलों और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी चल रही है। इसी बीच गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने इसे लेकर ऐसी बात कही है जो उन्हें विपक्ष के निशाने पर ले आई है।

रुपाणी ने कहा है कि देश में मंदी जैसा कुछ नहीं है, यह केवल एक हवा है। गुजरात में अभी तक एक भी मामला ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया। मंदी से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्‍यमंत्री रुपाणी ने कहा कि मंदी एक हवा है, गुजरात में अभी तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है जिसे मंदी के चलते अपना उद्योग बंद करना पड़ा हो।

रुपाणी बोले की व्‍यापारी निजी लोग करते हैं सरकार नीतियां बनाने का काम करती है। उद्योगों को महंगी बिजली मिलती है इसलिए सरकार उन्‍हें राहत देने के लिए यह योजना लाई है। सरकार का कहना है कि इस योजना केतहत सोलर प्‍लांट लगाने वाले उद्यमियों से इलेक्‍ट्रीसिटी ड्यूटी व व्‍हीलिंग चार्ज तो वसूल किए जाएंगे। लेकिन उपभोग से अधिक उत्‍पा‍ि बिजली सरकार खरीदेगीजिससे व्‍यापारी को प्रति युनिट पौने दो से पौने चार रु तक का लाभ होगा।

गौरतलब है कि मंदी को लेकर वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण से लेकर भाजपा के कई नेताओं के बयानों को लेकर उद्योग जगत, मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में तरह तरह की चचाएं है। एक ओर सरकार मंदी से निपटने की जोर शोर से तैयारी कर रही है दूसरी ओर भाजपा व सरकार मंदी होने की बात से ही किनारा कर रहे हैं।

रुपाणी ने सुक्ष्‍म व मध्‍यम व्‍यापारियों को किसी भी क्षमता के सोलर पैनल लगाने की छूट दी है। गांधीनगर में ऊर्जा विभाग की पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने यह ऐलान किया की स्‍मॉल एंड मीडियम स्‍केल इंडस्‍ट्री अगर सोलर पैनल लगाना चाहे तो लगा सकतीहै उन्‍हें प्रति युनिट 2.75 रुपए से 3.80 रुपए तक का लाभ होगा। पहले इन उद्यमों में सोलर पैनल लगाने के लिए एक क्षमता तय थी लेकिन अब उद्यमी अपने कार्य स्‍थल अथवा अन्‍य किसी खाली जगह पर सोलर पैनल लगा सकेंगे।

ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने बताया कि राज्‍य में 33 लाख एमएसएमई हैं जिन्‍हें इस योजना से अधिकतम लाभ होगा। गुजरात क्‍लीन व ग्रीन एनर्जी की ओर अग्रेसर है इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने एमएसएमई को यह छूट दी है। वर्ष2022 तक सरकार राज्‍य के आठ लाख घरों को सोलर रुफ टॉप योजना से जोड़ना चाहती है।